प्रिंसिपल को 27 बार चाकू मारने वाले छात्रों तक कैसे पहुंची पुलिस? ‘बाबू’ शब्द बना सबसे बड़ा सुराग

नलगोंडा जिले में एक प्राइवेट स्कूल की 35 वर्षीय प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की हत्या के मामले में पुलिस ने उसी स्कूल के 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, रूपा की उनके घर में चाकू मारकर हत्या की गई थी और वारदात के करीब एक सप्ताह से अधिक समय बाद जांच में दोनों छात्रों की कथित भूमिका सामने आई।

27 बार चाकू मारने से हुई प्रिंसिपल की हत्या

रूपा रेड्डी 11 अगस्त को अपने घर में अकेली थीं, जब उनकी लाश बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि उनके शरीर पर चाकू से 27 वार किए गए थे। जांच के दौरान एक अहम सुराग उस आखिरी फोन कॉल से मिला, जो रूपा ने अपनी आंटी से की थी। फोन बंद होने से ठीक पहले उन्होंने “बाबू” शब्द कहा था। इसी शब्द ने जांचकर्ताओं का ध्यान स्कूल के छात्रों की ओर खींचा और मामले में नए एंगल से जांच शुरू हुई।

पुलिस के मुताबिक, जांच उस समय और आगे बढ़ी जब सामने आया कि हत्या के बाद दो नाबालिग लड़के अचानक बड़ी रकम खर्च कर रहे थे और दोस्तों के साथ पार्टियां कर रहे थे। दोनों को बुधवार सुबह हिरासत में लिया गया। पुलिस ने एक नाबालिग के पास से 1.51 लाख रुपये कैश और एक आईफोन बरामद किया है।

नलगोंडा के एसपी शरत चंद्र पवार के अनुसार, पूछताछ के दौरान एक नाबालिग ने शुरुआत में दावा किया कि उसे पैसे उसके माता-पिता ने दिए थे। हालांकि, कैश की फॉरेंसिक जांच में इंसानी खून के निशान पाए गए। इसके बाद पुलिस का शक और गहरा गया।

15 दिन पहले हुई थी ऐसी घटना, फिर बनी हत्या की योजना

जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि हत्या से लगभग 15 दिन पहले रूपा ने कथित तौर पर एक नाबालिग को मोबाइल फोन और कैश से भरे बैग के साथ पकड़ा था। इसके बाद उसे डांट-फटकार का सामना करना पड़ा और हॉस्टल से भी निकाल दिया गया था। पुलिस को संदेह है कि इसी घटना ने नाबालिग के मन में रूपा के घर को निशाना बनाने का विचार पैदा किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी छात्र को अंदाजा था कि 11 अगस्त को स्कूल में फीस जमा होने के कारण रूपा के घर में बड़ी रकम हो सकती है। कथित तौर पर हत्या की योजना वारदात से करीब पांच दिन पहले बनाई गई थी। दोनों छात्रों ने पकड़े जाने से बचने के लिए दस्ताने और चाकू की व्यवस्था की और इलाके की रेकी भी की। इस दौरान सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन का भी पता लगाया गया।

एक छात्र घर में घुसा, दूसरा बाहर करता रहा इंतजार

पुलिस का कहना है कि हत्या वाले दिन दोनों में से एक नाबालिग कंपाउंड की दीवार फांदकर घर के अंदर पहुंचा, जबकि उसका साथी बाहर इंतजार करता रहा। आरोपी को कथित तौर पर डर था कि रूपा उसे पहचान लेंगी और चोरी की शिकायत पुलिस से कर देंगी। इसी आशंका के चलते उसने उन पर हमला किया और चाकू से 27 वार किए।

इसके बाद आरोपी करीब 2.5 लाख रुपये कैश लेकर वहां से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद सबूत मिटाने की कोशिश में नाबालिग ने अपने पहने हुए कपड़े एक नाले में फेंक दिए।

पति से पूछताछ के बाद छात्रों तक पहुंची जांच

मामले की शुरुआती जांच में पुलिस ने रूपा के पति से भी पूछताछ की थी। हालांकि, आगे की जांच में पुलिस का ध्यान स्कूल के दो नाबालिग छात्रों की ओर गया और कथित तौर पर उनके खिलाफ कई अहम सुराग मिले।

एसपी शरत चंद्र पवार ने बताया कि दोनों नाबालिगों को Juvenile Justice Board के सामने पेश किया गया है और उन्हें जुवेनाइल होम भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक जांच के परिणामों का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, कथित चोरी और रूपा की ओर से की गई डांट-फटकार के अलावा हत्या के पीछे का वास्तविक मकसद अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच फिलहाल जारी है।

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