पूर्व पत्रकार और न्यूज मैगजीन ‘तहलका’ के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को रेप मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गोवा पीठ ने निचली अदालत के बरी करने वाले फैसले को पलटते हुए उन्हें दोषी करार दिया। न्यायमूर्ति नीला गोखले और न्यायमूर्ति अमित जमसांडेकर की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सजा पर निर्णय दोपहर में सुनाया जाएगा।
फैसले के समय तरुण तेजपाल अदालत में मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने सजा में नरमी बरतने की अपील की और स्पष्ट किया कि वह हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, तरुण तेजपाल ने अदालत से कहा, “आज मैं 62 साल का हूं. मैं दो बेटियों का पिता हूं. मेरी पत्नी है. मैं राजनीतिक साजिश का शिकार हूं. मेरे वकीलों ने भी मुझसे कहा है कि मैं कोर्ट से नरमी बरतने की अपील करूं.”
तेजपाल की ओर से वरिष्ठ वकील आबाद पोंडा ने अदालत से न्यूनतम सजा देने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने दोषसिद्धि और सजा के आदेश पर कम से कम 10 सप्ताह की रोक लगाने की मांग भी की, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की जा सके।
वहीं, गोवा सरकार की ओर से पैरवी कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अधिकतम सजा देने की मांग की। उनका कहना था कि इससे समाज में स्पष्ट संदेश जाएगा कि ‘‘नहीं का मतलब नहीं होता है.’’
किन धाराओं में दोषी ठहराए गए तरुण तेजपाल?
अदालत ने तरुण तेजपाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एफ), धारा 354(ए) और धारा 354(बी) के तहत दोषी माना है। इनमें संरक्षक या अधिकार की स्थिति में महिला से दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न और महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से आपराधिक बल प्रयोग जैसे आरोप शामिल हैं। धारा 376 के तहत दोषी पाए जाने पर उन्हें कम से कम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला नवंबर 2013 का है, जब गोवा में आयोजित थिंकफेस्ट कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में अपनी पूर्व जूनियर महिला सहकर्मी के साथ कथित यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म का आरोप लगा था। इस मामले में 2021 में निचली अदालत ने तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था। बाद में गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी, जहां अब हाई कोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए उन्हें दोषी करार दिया।