पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को उस समय बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को उनके पदों से सस्पेंड करने का ऐलान कर दिया। न्यू टाउन में आयोजित बैठक में बागी नेताओं ने नई कार्यकारिणी के गठन की घोषणा करते हुए कई अहम फैसले लिए।
न्यू टाउन की बैठक में लिए गए बड़े फैसले
विधानसभा के बजट सत्र के बाद टीएमसी के बागी विधायकों और नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक न्यू टाउन स्थित एक होटल में हुई। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में करीब 60 विधायक और 70 पूर्व पार्षद शामिल हुए। इसी दौरान 30 सदस्यों की एक समिति का गठन किया गया।
बैठक में मौजूद नेताओं ने ममता बनर्जी को चेयरमैन पद से सस्पेंड करने का फैसला लिया और उनकी जगह हावड़ा सेंट्रल से विधायक अरूप रॉय को नया चेयरमैन नियुक्त करने की घोषणा की।
अभिषेक बनर्जी को भी पद से हटाने का ऐलान
बागी गुट ने केवल ममता बनर्जी पर ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि अभिषेक बनर्जी को भी ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी के पद से सस्पेंड करने का फैसला लिया। इस कदम को पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति और नेतृत्व संघर्ष का संकेत माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, होटल में बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान 11 सदस्यों की एक नई कमेटी का भी गठन किया गया। इस नवगठित नेशनल वर्किंग कमेटी की कमान पूर्व मंत्री और विधायक अरूप रॉय को सौंपी गई।
बैठक में जुटे कई वरिष्ठ नेता
जानकारी के अनुसार, बैठक में राज्य के पूर्व मंत्री जावेद खान, विधायक अरूप रॉय और कोलकाता नगर निगम के कई वर्तमान एवं पूर्व पार्षद शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह का उपयोग किया गया, लेकिन आयोजन स्थल पर ममता बनर्जी की तस्वीरें नहीं लगाई गई थीं।
बताया जा रहा है कि राज्यभर से लगभग 500 नेता इस बैठक में शामिल हुए। इनमें 16 जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक, पार्षद और बागी विधायक शामिल थे। बैठक के बाद सभी नेताओं ने नई नेशनल वर्किंग कमेटी के गठन की औपचारिक घोषणा की।
नई नेशनल वर्किंग कमेटी में किसे मिली जिम्मेदारी?
बागी गुट द्वारा घोषित नई नेशनल वर्किंग कमेटी में अरूप रॉय को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं संदीपन साहा, जावेद खान और रिताब्रता बनर्जी को नेशनल जनरल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और रथिन घोष को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सूत्रों का कहना है कि बागी गुट अब पार्टी के वित्तीय मामलों और बैंक खातों पर भी नजर बनाए हुए है तथा आने वाले दिनों में कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम उठा सकता है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
टीएमसी के भीतर सामने आया यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन बागी गुट के इन फैसलों ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है।