पुलिस प्रोजेक्ट्स में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, CM Yogi ने अधिकारियों को दिया सख्त अल्टीमेटम

उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा संदेश दिया है। पुलिस आवासीय परियोजनाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने साफ कहा कि गुणवत्ता और समयसीमा से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और मनोबल बढ़ाने के लिए बेहतर आवासीय और कार्यस्थल सुविधाएं बेहद जरूरी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिस लाइन, थाना भवन, बैरक, अग्निशमन केंद्र और अन्य निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा जरूरी है और निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन होना चाहिए।

प्रदेश के 75 जिलों में चल रहे हैं निर्माण कार्य

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम इस समय प्रदेश के सभी 75 जिलों में काम कर रहा है। निगम की छह निर्माण इकाइयों के जरिए कुल 233 परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जिनमें से 221 परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर चल रही हैं।

2023 से अब तक पूरे हुए 1586 प्रोजेक्ट

समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 से लेकर 20 मई 2026 तक कुल 1586 निर्माण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इन परियोजनाओं पर लगभग 1104 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

इनमें बहुमंजिला बैरक, ट्रांजिट हॉस्टल, थाना भवन, पुलिस चौकी, अग्निशमन केंद्र, जीआरपी बैरक, एटीएस फील्ड यूनिट और महाकुंभ-2025 से जुड़ी कई परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा थानों में महिला प्रसाधन जैसी सुविधाओं का भी विकास कराया गया है।

गुणवत्ता जांच के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी जांच, सामग्री परीक्षण और मोबाइल ऐप आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का समय-समय पर प्रतिष्ठित संस्थानों से थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए ताकि गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की शिकायत न रहे।

रिक्त पदों को मेरिट के आधार पर भरने के निर्देश

सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जाए। उन्होंने अतिरिक्त मैनपॉवर लगाने के भी निर्देश दिए।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग में खाली पदों को पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर भरा जाए।

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