Yogi Adityanath ने कहा है कि जिस तरह देशवासियों ने कोविड-19 महामारी के दौरान एकजुट होकर संकट का सामना किया था, उसी तरह पश्चिम एशिया में पैदा हुए मौजूदा संकट से भी सामूहिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय भावना के साथ निपटना होगा। उन्होंने कहा कि इस वैश्विक संकट का असर ईंधन, खाद्य पदार्थों और उर्वरकों की आपूर्ति पर पड़ सकता है, इसलिए हर नागरिक को देशहित में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील का उल्लेख करते हुए लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कार पूलिंग, मेट्रो, इलेक्ट्रिक व्हीकल और शटल बसों के अधिक उपयोग की अपील की।
गोबर गैस और रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के 7700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में संरक्षित 15 लाख से ज्यादा गोवंश के जरिए ग्रामीण इलाकों में गोबर गैस प्लांट आधारित सामूहिक किचन मॉडल विकसित किए जा सकते हैं। इससे एलपीजी पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि संकट के समय देशहित सर्वोपरि होना चाहिए और हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्र के साथ खड़ा होकर योगदान दे।
WFH और वर्चुअल मीटिंग को बढ़ावा देने की बात
सीएम योगी ने कहा कि सरकारी और निजी संस्थानों को वर्चुअल मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम (WFH) जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका कहना था कि इससे ईंधन की बचत होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधूरी जानकारी के आधार पर नकारात्मक टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को गंभीरता से समझने और उस पर चिंतन करने की जरूरत है। योगी ने कहा, “देश रहेगा तो हम सब रहेंगे, प्रदेश सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे।”
2017 से पहले के यूपी और अब की तस्वीर का किया जिक्र
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी, उद्योग बंद हो रहे थे और युवा पहचान के संकट से जूझ रहे थे। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और यूपी देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, रैपिड रेल और राष्ट्रीय जलमार्ग जैसी बड़ी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। साथ ही 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स में करीब 3 करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार पर भी बोले
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब प्रदेश में महिलाएं रात में भी सुरक्षित महसूस करती हैं और युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं कर रहे। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है और सरकार 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है।