क्या ईरान से समझौते के लिए बेचैन है अमेरिका? ट्रंप का बड़ा दांव- पाकिस्तान भेजे जा सकते हैं जेडी वेंस

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध तनाव ने अब वैश्विक राजनीति को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। अमेरिका जहां अपनी शर्तों पर युद्ध खत्म करना चाहता है, वहीं ईरान अपने रुख पर कायम है। इसी बीच पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की पेशकश कर दी है, जिसके बाद कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस जल्द ही पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि यह यात्रा ईरान से जुड़े संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।

पाकिस्तान में हो सकती है अहम बैठक

अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान द्वारा खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश किए जाने के बाद इस सप्ताह इस्लामाबाद में एक अहम बैठक आयोजित करने की तैयारी चल रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जेडी वेंस भी पाकिस्तान जा सकते हैं। इससे पहले पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने रविवार को ट्रंप से बातचीत की थी, जिसके बाद कूटनीतिक गतिविधियां और तेज हो गईं।

पाकिस्तान और ईरान के बीच भी बढ़ी बातचीत

इसी क्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी बातचीत की। इस दौरान क्षेत्रीय तनाव और संभावित समाधान के विकल्पों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।

वहीं व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान तय समय से आगे बढ़ रहे हैं और अपने प्रमुख लक्ष्यों के करीब पहुंच चुके हैं। अमेरिका ने यह भी संकेत दिया कि तेहरान के साथ बातचीत जारी है, जिसका मकसद संघर्ष को समाप्त करना है।

व्हाइट हाउस का दावा — सैन्य अभियान सफल

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिका का सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” अपने मुख्य उद्देश्यों को हासिल करने के करीब है। उन्होंने कहा, ‘सिर्फ तीन हफ्तों से थोड़ा अधिक समय में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी एक बड़ी सैन्य जीत साबित हुआ है.’

लेविट के अनुसार अब तक 9,000 से ज्यादा दुश्मन ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं और अभियान शुरू होने के बाद ईरान के मिसाइल व ड्रोन हमलों में करीब 90 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के 140 से अधिक नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तीन सप्ताह में किसी नौसेना का सबसे बड़ा नुकसान बताया गया।

होर्मुज स्ट्रेट पर भी घटा खतरा

कैरोलिन लेविट ने कहा, ‘हर गुजरते दिन के साथ हमारे सैन्य प्रयास अधिक सफल हो रहे हैं और ईरान की व्यापारिक जहाजों को डराने की क्षमता लगातार कम हो रही है.’

उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान के कारण होर्मुज स्ट्रेट के जरिए गुजरने वाली वैश्विक शिपिंग पर खतरा काफी कम हुआ है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

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