राजधानी लखनऊ की सड़कों पर शनिवार (21 फरवरी 2026) को भारी हलचल देखने को मिली। सवर्ण मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। परिवर्तन चौक पर शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ यह धरना देखते ही देखते उग्र हो गया, जिसके बाद पुलिस को एक्शन लेना पड़ा और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया गया।
शंखनाद से शुरुआत और फिर पुलिस से नोकझोंक
जानकारी के मुताबिक, सवर्ण मोर्चा के सदस्य सबसे पहले परिवर्तन चौक पर इकट्ठा हुए और शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने बाकायदा शंखनाद कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका साफ तौर पर कहना है कि हाल ही में लागू किए गए UGC के नियम सवर्ण समाज के हितों के सीधे खिलाफ हैं और सरकार को इन्हें तत्काल प्रभाव से वापस लेना चाहिए।
प्रदर्शन में पहुंचे पूर्व अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री
इस बड़े प्रदर्शन को तब और ज्यादा सुर्खियां मिल गईं, जब हाल ही में सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने वाले चर्चित पूर्व अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री भी इसमें शामिल होने पहुंच गए। इसके बाद जोश में आए प्रदर्शनकारियों ने परिवर्तन चौक से एक बड़ा मार्च निकालने की कोशिश की। लेकिन, मुस्तैद पुलिस ने पहले से ही भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे, तो माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और इलाके में अफरातफरी मच गई।
कई कार्यकर्ता हिरासत में, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
हालात को बेकाबू होने से बचाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कई उग्र प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में भरकर इको गार्डन ले गई। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि कानून-व्यवस्था और शहर की शांति बनाए रखने के लिए यह सख्त कार्रवाई जरूरी थी। दूसरी तरफ, सवर्ण मोर्चा के नेताओं ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और भी व्यापक और तेज किया जाएगा। फिलहाल, परिवर्तन चौक और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।