उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के नए नियम ने तूल पकड़ लिया है. अलीगढ़ में शिक्षकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को थाना सिविल लाइन इलाके में स्थित तस्वीर महल चौराहे पर एसएसपी कार्यालय के बाहर शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान नाराज शिक्षकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री जयंत चौधरी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका.
‘पुराने शिक्षकों पर न थोपा जाए TET’
शिक्षक संघ के बैनर तले एकजुट हुए प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि टीईटी (TET) को पुराने और पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य न किया जाए. शिक्षकों का तर्क है कि वे वर्षों से सेवा दे रहे हैं और अब नए सिरे से परीक्षा का दबाव बनाना अनुचित है. उन्होंने चेतावनी दी है कि सरकार नियमों में लगातार बदलाव कर रही है, लेकिन अगर पुराने शिक्षकों को इसमें छूट नहीं दी गई, तो वे आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे.
पुलिस की रोकने की कोशिश नाकाम
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री देवेंद्र कटारा ने बताया, “शिक्षा संघ के बैनर तले यह प्रदर्शन किया गया. पुलिस ने कुछ लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित शिक्षकों ने तस्वीर महल चौराहे के बाहर ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री जयंत चौधरी का पुतला दहन कर दिया.” उन्होंने सरकार को चेताया कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन सिर्फ अलीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में प्रदर्शन तेज किया जाएगा.
जयंत चौधरी के बयान से नाराज हैं शिक्षक
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है जो उन्होंने हाल ही में सदन में दिया था. शिक्षकों का कहना है कि मंत्री का बयान बेहद निराशाजनक है और उन्हें शिक्षकों की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए था.
‘सिस्टम ही कर रहा परेशान’
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि सरकार आए दिन नए बिल और योजनाएं लाकर उन्हें परेशान कर रही है. उनका कहना है, “शिक्षकों का काम सिर्फ छात्रों को शिक्षा देना है, लेकिन सरकार का सिस्टम और नई नीतियां मानसिक दबाव बना रही हैं. कभी किसी योजना के नाम पर तो कभी किसी नियम के नाम पर शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है.”