केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर एक बड़ी खुशखबरी दी है. उन्होंने दावा किया है कि इस ऐतिहासिक समझौते के तहत भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर (कपड़ा उद्योग) को बांग्लादेश जैसी ‘जीरो टैरिफ’ (Zero Tariff) सुविधा मिल सकती है. अगर ऐसा होता है, तो यह भारतीय निर्यातकों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा, जो लंबे समय से बांग्लादेशी कपड़ों से मिल रही कड़ी चुनौती का सामना कर रहे थे.
क्या है ‘जीरो टैरिफ’ का गणित?
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि फाइनल डील साइन होने के बाद भारत को भी बांग्लादेश जैसी विशेष व्यवस्था मिल सकती है. उन्होंने समझाया कि बांग्लादेश को अमेरिका से एक खास छूट मिली हुई है- “अगर बांग्लादेश अमेरिका से कच्चा माल (जैसे कपास) खरीदता है और उससे कपड़ा तैयार करके वापस अमेरिका को निर्यात करता है, तो उस सामान पर कोई इंपोर्ट ड्यूटी (टैरिफ) नहीं लगती.”
गोयल ने कहा कि भारत के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था पर बात हो रही है. इससे भारतीय कपड़ा निर्यातकों की लागत कम होगी और वे अमेरिकी बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे.
राहुल गांधी के ‘सरेंडर’ वाले आरोप पर पलटवार
संसद के बजट सत्र में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि “भारत ने अमेरिका के साथ जो ट्रेड डील की है, वह यह दर्शाता है कि पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के आगे पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर दिया है.”
इस पर पलटवार करते हुए पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के बयान को ‘झूठ’ करार दिया. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने संसद में यह भ्रम फैलाया कि अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील से भारत की तुलना में बांग्लादेश को ज्यादा फायदा मिला है. हकीकत यह है कि हमें भी वही सुविधा मिलने जा रही है, जिससे हमारा निर्यात बढ़ेगा.”
भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए क्यों है बड़ी खबर?
अब तक बांग्लादेश को अमेरिका और यूरोप के बाजारों में ‘ड्यूटी-फ्री एक्सेस’ (कर मुक्त पहुंच) का फायदा मिलता रहा है, जिससे उनके कपड़े सस्ते होते थे और भारतीय निर्यातक पिछड़ जाते थे. अगर पीयूष गोयल का दावा हकीकत में बदलता है, तो:
- भारतीय कपड़ों की कीमतें अमेरिकी बाजार में कम होंगी.
- निर्यात में भारी उछाल आएगा.
- टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार के नए अवसर बनेंगे.