प्रयागराज: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगा गंदा आरोप, आश्रम में बच्चों के यौन शोषण का दावा, कोर्ट ने शुरू की जांच

प्रयागराज के माघ मेले में संतों के बीच एक बड़ा और शर्मनाक विवाद खड़ा हो गया है. ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर उनके ही आश्रम में रहने वाले बच्चों के साथ यौन शोषण (Sexual Abuse) के गंभीर आरोप लगे हैं. यह आरोप किसी और ने नहीं, बल्कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने लगाए हैं. मामला अब कोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है और पुलिस जांच में जुट गई है.

क्या है पूरा मामला?

आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि शंकराचार्य के आश्रम में ‘गुरु सेवा’ के नाम पर बच्चों का शोषण किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि माघ मेले के दौरान एक नाबालिग और एक बालिग लड़का उनके पास आया और रोते हुए आपबीती सुनाई. बालिग लड़के ने बताया कि जब वह नाबालिग था, तब उसके साथ कुकर्म किया गया था.

आरोप है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य इन बच्चों पर दबाव बनाते थे और कहते थे कि “यह गुरु सेवा है, इससे तुम्हें आशीर्वाद मिलेगा.” आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा है कि उनके संपर्क में ऐसे करीब 20 बच्चे हैं, जिनका कथित तौर पर यौन शोषण हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास महिलाओं के शोषण से जुड़ी सीडी और सबूत भी मौजूद हैं, जिसे उन्होंने कोर्ट को सौंप दिया है.

कोर्ट में सुनवाई और पुलिस की रिपोर्ट

इस गंभीर मामले को लेकर आशुतोष ब्रह्मचारी ने 28 जनवरी को प्रयागराज जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. इस पर ‘एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट’ में सुनवाई चल रही है.

  • कोर्ट का रुख: कोर्ट ने इस मामले में झूंसी थाना पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी. हालांकि, कोर्ट पुलिस की पहली रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुई.
  • अगली सुनवाई: अब इस मामले की अगली सुनवाई आज यानी 13 फरवरी को होनी है.

अविमुक्तेश्वरानंद बोले- ‘गौ रक्षा की बात करने की सजा मिल रही है’

इन गंभीर आरोपों पर वाराणसी में मौजूद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी सफाई दी है. उन्होंने इसे एक गहरी साजिश करार दिया है.

  • साजिश का आरोप: उन्होंने कहा, “सरकार गौ माता की रक्षा नहीं करना चाहती. मैंने गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने और गौ हत्या बंद करने का अभियान चलाया है, इसलिए मुझे फंसाने के लिए ऐसे घिनौने आरोप लगाए जा रहे हैं.”
  • प्रतिद्वंद्विता का जिक्र: अविमुक्तेश्वरानंद ने तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्यों का भी जिक्र किया और कहा कि पहले भी उनके खिलाफ जबलपुर में केस किया गया था, जिसमें कुछ नहीं निकला.
  • कानूनी लड़ाई: शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने भी अपनी तरफ से प्रयागराज की पॉक्सो अदालत में शिकायत की है, जिस पर 20 फरवरी को सुनवाई होगी. उन्होंने कहा कि जांच में सब साफ हो जाएगा.

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