संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को हुए भारी हंगामे के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला खुलासा किया है. गुरुवार (5 फरवरी 2026) को सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कल का दिन संसदीय इतिहास पर एक ‘काले धब्बे’ जैसा था. उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले से खुफिया जानकारी मिली थी कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा और गरिमा के साथ खिलवाड़ हो सकता है, इसलिए उन्होंने खुद पीएम मोदी को सदन में आने से मना कर दिया था.
‘मेरे पास पुख्ता जानकारी थी कि कुछ भी हो सकता है’
स्पीकर ओम बिरला ने सदन में एक सनसनीखेज दावा करते हुए बताया कि विपक्ष की मंशा ठीक नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘सदन में जो हुआ वह एक तरह से काले धब्बे की तरह था. मेरे पास पुख्ता ऐसी जानकारी आई कि कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री के पास पहुंचकर कोई भी अप्रत्याशित घटना कर सकते हैं. अगर ये घटना हो जाती तो यह बेहद निंदनीय नहीं होती.’ स्पीकर ने साफ किया कि माहौल इतना खराब था कि कोई भी अनहोनी हो सकती थी.
मैंने पीएम से कहा- अंदर मत आइए
स्पीकर ने बताया कि जब हालात बेकाबू होने लगे, तो उन्होंने प्रधानमंत्री को सुरक्षा कारणों से चैंबर में ही रोक दिया. बिरला ने कहा, ‘मैंने पीएम से आग्रह किया कि उन्हें सदन में नहीं आना चाहिए और उन्होंने मेरी बात मानी.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘देश ने देखा कि कल सदन में क्या हुआ. सबने देखा कि कैसे सांसदों ने सदन में PM की कुर्सी की तरफ जाने की कोशिश की.’
पीएम की कुर्सी घेरने की थी साजिश
स्पीकर ने बताया कि कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी सांसद जानबूझकर प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान अव्यवस्था पैदा करना चाहते थे. उन्होंने कहा, ‘हमारी संसदीय प्रणाली में संविधान ने सदन के सभापति का गरिमामयी स्थान सुनिश्चित किया है. राजनीतिक मतभेदों को संसद के पटल पर नहीं लाया गया है.’ गौरतलब है कि बुधवार को पीएम मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने वाले थे, लेकिन हंगामा इतना बढ़ा कि उन्हें अपना भाषण टालना पड़ा.
मनोज तिवारी ने बताया- महिला सांसद वेल में घुस गई थीं
बुधवार के वाकये पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा, ‘विपक्ष की कई महिला सांसद सदन के वेल में घुस गईं और प्रधानमंत्री की कुर्सी की ओर बढ़ीं. हमारे वरिष्ठ मंत्रियों ने उन्हें बार-बार समझाया कि अपनी जगह पर चले जाएं क्योंकि पीएम मोदी आने वाले हैं, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया. सदन की स्थिति बेकाबू हो जाने के कारण प्रधानमंत्री सदन में प्रवेश नहीं कर सके.’