प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कांग्रेस और गांधी परिवार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. हालांकि, उनके भाषण के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और सदन से वॉकआउट कर दिया, लेकिन पीएम मोदी नहीं रुके. उन्होंने खाली सीटों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो लोग थक कर चले गए हैं, उन्हें जवाब देना होगा. अपने संबोधन में पीएम ने अर्थव्यवस्था से लेकर राहुल गांधी के अहंकार तक, हर मुद्दे पर विपक्ष को घेरा.
नेहरू और इंदिरा के लिए ‘समस्या’ थे देशवासी
पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी की सोच पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने एक पुराने वाकये का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे ये नेता देश की जनता को ही मुसीबत मानते थे. पीएम मोदी ने तंज कसते हुए कहा, ‘जब किसी ने इंदिरा गांधी से पूछा था कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के सामने कितनी समसम्याएं हैं? तो उन्होंने उत्तर दिया था 35 करोड़. उस समय हमारे देश की जनसंख्या 35 करोड़ थी. 35 करोड़ देशवासी नेहरू को समस्या लगते थे. इंदिरा ने आगे कहा कि आज देश की जनसंख्या 57 करोड़ है. इसलिए मेरी समस्याओं की संख्या भी उतनी ही बढ़ी है. पिता को 35 करोड़, इंदिरा को 57 करोड़ है. ऐसा हो सकता है क्या?’
कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था का बंटाधार किया
अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के वक्त भारत दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन कांग्रेस ने उसे 11वें नंबर पर पहुंचा दिया. उन्होंने कहा कि आज हम इसे तीसरे नंबर पर ले जा रहे हैं. सरदार पटेल को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘जब मैं पैदा भी नहीं हुआ था तब सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सरदार सरोवर बांध का सपना देखा था. अब जब मैं प्रधानमंत्री बना तो उनका सपना पूरा किया है.’
फोन बैंकिंग घोटाला और बैंकिंग सुधार
बैंकिंग सेक्टर की हालत पर पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले ‘फोन बैंकिंग’ का राज था. नेताओं के एक फोन पर चहेतों को करोड़ों का लोन मिल जाता था और गरीब बैंक का मुंह देखते रह जाते थे. उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, ‘हमारे सामने चुनौती बड़ी थी हमने हिम्मत से काम लिया और ढेर सारे बैंकिंग रिफॉर्म किए. हमने सरकारी बैंक का बड़े बैंकों के साथ मर्जर किया, जिससे बैंकों में जो बीमारी घर कर गई थी उससे मुक्ति मिली और बैंक अब तेजी से दौड़ रहे हैं.’
राहुल गांधी का अहंकार और सिखों का अपमान
पीएम मोदी ने राहुल गांधी द्वारा रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने पर भी सख्त नाराजगी जताई. उन्होंने इसे सिखों का अपमान बताया. पीएम मोदी ने कहा, ‘कल जो घटना घटी, इसी सदन के माननीय सांसद (बिट्टू ) को कांग्रेस के शातिर दिमाग वाले युवराज (राहुल गाँधी) ने गद्दार कह दिया. राहुल गांधी का अहंकार 7वें आसमान पर पहुंच गया है. कल सांसद को गद्दार इसलिए कहा क्यों की ये सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था. कांग्रेस के अंदर कूट-कूट कर सिखों के लिए नफरत भरी है. मेरे देशवासी को कोई गद्दार कहे, देश कैसे स्वीकार करेगा?’
जब रो पड़े थे योगी आदित्यनाथ
स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुराने दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों ने बच्चों की जान की परवाह नहीं की. पीएम मोदी ने कहा, ‘एक बार, उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ असेंबली में बोलते हुए रो पड़े थे, क्योंकि दिमागी बुखार (इंसेफेलाइटिस) से बहुत सारे बच्चे मर रहे थे. लेकिन पिछली सरकार ने इसके बारे में कुछ नहीं किया. हमने लोगों को इससे और आंखों की बीमारी ट्रेकोमा से भी राहत दिलाई. ये हमारी कामयाबी है. यही उन्हें परेशान कर रहा है. दिमागी बुखार से अनगिनत बच्चे मर रहे थे, फिर भी इन लोगों ने कभी नहीं सोचा कि दिमागी बुखार ठीक हो सकता है.’