नई दिल्ली: अगर आप विदेशी लग्जरी कारों के दीवाने हैं, तो आपके लिए एक ऐतिहासिक खुशखबरी है. भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच पिछले 20 साल से अटका ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (FTA) अब फाइनल होने की कगार पर है. गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर यूरोपीय मेहमानों की मौजूदगी में इस डील की बातचीत आखिरी चरण में पहुंच गई है. इस समझौते के तहत भारत सरकार ने यूरोप से आने वाली कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी में भारी कटौती का प्रस्ताव दिया है, जिससे बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी गाड़ियां अब सपनों से निकलकर हकीकत बन सकेंगी.
BMW-Audi का सपना होगा पूरा, 110% से घटकर 40% रह जाएगा टैक्स
इस डील का सबसे बड़ा आकर्षण ऑटोमोबाइल सेक्टर है. भारत यूरोप से इंपोर्ट होने वाली कारों पर लगने वाले मौजूदा 110% टैरिफ को तुरंत प्रभाव से घटाकर 40% करने को तैयार हो गया है. इतना ही नहीं, कुछ चुनिंदा हाई-एंड (प्रीमियम) मॉडल्स के लिए आने वाले समय में यह टैक्स घटकर महज 10% तक रह सकता है. इस बड़े बदलाव के बाद भारतीय सड़कों पर BMW, मर्सिडीज, फॉक्सवैगन और ऑडी जैसी यूरोपीय कारों की कीमतें धड़ाम से गिरेंगी और ये गाड़ियां भारतीय खरीदारों के लिए काफी सस्ती हो जाएंगी.
भारत को क्या मिला? टेक्सटाइल और ज्वेलरी को लगेंगे पंख
यह सौदा सिर्फ कारों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत ने इसके बदले यूरोप से अपने निर्यातकों के लिए बड़ा बाजार मांगा है. इस समझौते से भारतीय टेक्सटाइल (कपड़ा), गारमेंट्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स और प्रोसेस्ड फूड को यूरोपीय देशों में कम टैक्स और बेहतर पहुंच मिलेगी. वहीं, भारत ने अपने स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए यूरोप में काम करने की प्रक्रिया को आसान बनाने (मोबिलिटी) की शर्त भी मजबूती से रखी है, जिससे भारतीय युवाओं के लिए विदेश में नौकरी के रास्ते खुलेंगे.
26 जनवरी 2026 बना गवाह, 20 साल का वनवास खत्म
गौरतलब है कि यह समझौता दो दशकों से अधर में लटका था, लेकिन अब राजनीतिक इच्छाशक्ति के चलते इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है. 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए यूरोपीय कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा की दिल्ली यात्रा ने इस डील में नई जान फूंक दी है. दिल्ली में चल रही मैराथन बैठकों में कई तकनीकी पेंच सुलझा लिए गए हैं और माना जा रहा है कि इस हफ्ते ‘एग्रीमेंट इन प्रिंसिपल’ पर मुहर लग सकती है, जो भारत की सबसे बड़ी मार्केट ओपनिंग साबित होगी.