मुंबई: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए साल 2025 की विदाई शानदार रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 26 दिसंबर को समाप्त हुए सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में 3.293 बिलियन डॉलर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही कुल भंडार बढ़कर 696.610 बिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।
लगातार दूसरे हफ्ते तेजी
इससे पिछले हफ्ते भी विदेशी मुद्रा भंडार में 4.368 बिलियन डॉलर का उछाल आया था। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी से देश की आर्थिक स्थिति और मजबूत हुई है।
गोल्ड रिजर्व ने कराई सबसे ज्यादा कमाई
इस हफ्ते की बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान सोने (Gold) का रहा है।
- सोने का भंडार: गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 2.956 बिलियन डॉलर बढ़कर 113.32 बिलियन डॉलर हो गई है।
- कारण: रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं (करीब 4400 डॉलर प्रति औंस), जिसका सीधा फायदा भारत के भंडार मूल्यांकन में हुआ है।
आंकड़ों पर एक नजर:
| घटक (Component) | वृद्धि (Increase) | कुल वैल्यू (Total Value) |
| विदेशी मुद्रा भंडार (Total) | +$3.293 Billion | $696.610 Billion |
| फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) | +$184 Million | $559.612 Billion |
| गोल्ड रिजर्व (Gold) | +$2.956 Billion | $113.32 Billion |
| SDRs | +$60 Million | $18.803 Billion |
| IMF रिजर्व पोजीशन | +$93 Million | $4.875 Billion |
क्यों जरूरी है विदेशी मुद्रा भंडार?
यह किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की ‘रीढ़’ होता है।
- आयात भुगतान: तेल और अन्य जरूरी सामान खरीदने के लिए डॉलर की जरूरत होती है।
- रुपये की मजबूती: जब रुपया कमजोर होने लगता है, तो RBI इसी भंडार से डॉलर बेचकर रुपये को गिरने से बचाता है।
- निवेशकों का भरोसा: विदेशी निवेशकों (FDI/FII) का भरोसा बढ़ता है।