नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने साल के जाते-जाते दिल्ली में हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। मंगलवार (30 दिसंबर, 2025) को शुरू हुई छापेमारी बुधवार को भी जारी रही। ईडी ने यह कार्रवाई इंदरजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों और ‘अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड’ से जुड़े ठिकानों पर की है। इस दौरान बरामद हुए कैश और गहनों का जखीरा देख अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
नोट गिनने के लिए बुलानी पड़ी मशीन
ईडी ने नई दिल्ली के सर्वप्रिया विहार स्थित इंदरजीत के सहयोगी अमन कुमार के ठिकाने पर छापा मारा था। वहां से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और संपत्ति मिली कि उसे संभालने के लिए बैंक अधिकारियों और कैश काउंटिंग मशीनों को बुलाना पड़ा।
- कैश: मौके से 5.12 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए।
- गहने: एक सूटकेस मिला जो सोने और हीरे के गहनों से भरा था। इनकी कीमत करीब 8.80 करोड़ रुपये आंकी गई है।
- प्रॉपर्टी के कागज: एक बैग से चेकबुक और कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इंदरजीत सिंह यादव पर क्या हैं आरोप?
ईडी ने यह जांच हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से ज्यादा FIR के आधार पर शुरू की थी। इंदरजीत सिंह यादव पर बेहद गंभीर आरोप हैं:
- बंदूक की नोक पर धमकाना।
- अवैध वसूली (Extortion) करना।
- प्राइवेट फाइनेंसर्स से जबरन लोन सेटलमेंट कराना।
- इन गैरकानूनी कामों से मोटा कमीशन कमाना और उसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए खपाना।
कार्रवाई अभी भी जारी
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को शुरू हुआ यह एक्शन बुधवार (31 दिसंबर) को भी जारी है। जांच एजेंसी अब बरामद दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस काले धन के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।
एक नजर में: क्या-क्या मिला?
| बरामदगी (Recovery) | अनुमानित कीमत |
| नकद (Cash) | ₹5.12 करोड़ |
| सोने-हीरे के गहने | ₹8.80 करोड़ |
| संपत्ति के दस्तावेज | ~₹35 करोड़ |