यूपी में सियासी भूचाल: SIR ने बढ़ाई धड़कनें, कट सकते हैं 2.89 करोड़ वोट; गाजियाबाद-लखनऊ में सबसे बुरा हाल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चल रही एसआईआर (SIR) प्रक्रिया ने सियासी दलों की नींद उड़ा दी है। वोटर लिस्ट के वेरिफिकेशन की इस प्रक्रिया में प्रदेश भर से करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने की आशंका जताई जा रही है। फाइनल ड्राफ्ट आने से पहले ही जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी सपा दोनों को टेंशन में डाल दिया है।

बीजेपी के लिए खतरे की घंटी: शहरी गढ़ में सबसे ज्यादा कटौती

आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरी क्षेत्रों में वोटर लिस्ट पर ज्यादा गाज गिरी है। राज्य के प्रमुख शहरों में औसतन 20% से ज्यादा मतदाता ‘अनकलेक्टेबल’ (जिनका सत्यापन नहीं हो पाया) पाए गए हैं। यह बीजेपी के लिए बड़ी चिंता है क्योंकि शहरी इलाको को पार्टी का गढ़ माना जाता है।

  • गाजियाबाद (सबसे ज्यादा): 28.83%
  • लखनऊ: 24.40%
  • कानपुर नगर: 24.10%
  • मेरठ: 24.66%
  • प्रयागराज: 23.80%
  • आगरा: 23.25%
  • वाराणसी: 22.70%

ग्रामीण इलाकों में बलरामपुर टॉप पर

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में वोट कटने का अनुमान है। बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 25.98% वोट खतरे में हैं। इसके अलावा बहराइच, सिद्धार्थनगर, संभल और बदायूं में भी 20% से ज्यादा नाम लिस्ट से बाहर हो सकते हैं।

योगी सख्त, अखिलेश को ‘खेल’ का डर

इन आंकड़ों पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है:

  • सीएम योगी: शहरी वोटर्स के बड़ी संख्या में कटने से नाराज सीएम योगी ने पार्टी पदाधिकारियों को एसआईआर प्रक्रिया को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।
  • अखिलेश यादव: सपा प्रमुख ने फाइनल ड्राफ्ट की तारीख बढ़ाए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि कहीं ‘मानवीय भूल’ के बहाने आंकड़ों में हेरफेर न किया जाए।
  • चंद्रशेखर आजाद: नगीना सांसद ने पूछा कि अगर इतने वोट गलत थे, तो लोकसभा चुनाव में डाले गए वोटों की जिम्मेदारी कौन लेगा?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *