युवा शक्ति से समृद्ध होगा सहकारिता क्षेत्र, CM योगी ने किया ‘युवा सहकार सम्मेलन’ का आगाज, वाराणसी और महाराजगंज के DM सम्मानित

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के उपलक्ष्य में युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहकारिता के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान सहकारिता क्षेत्र में नवाचारों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई और सीएम योगी के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने विशेष मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन भी किया।

बेहतरीन काम करने वाले जिलाधिकारियों को मिला सम्मान

मुख्यमंत्री ने सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार और सदस्यता अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मानित किया:

  • सत्येंद्र कुमार (DM वाराणसी): इन्हें महाराजगंज, बाराबंकी और वाराणसी में सहकारिता के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
  • संतोष कुमार शर्मा (DM महाराजगंज): एम-पैक्स सदस्यता महाभियान-2025 के तहत प्रदेश में रिकॉर्ड 1.22 लाख सदस्य बनाने और 28 हजार ऑनलाइन सदस्य जोड़ने के लिए उन्हें सीएम ने मंच पर सम्मानित किया।

युवाओं को मिला ऋण का चेक, उद्यमिता को मिला बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने ‘सीएम युवा उद्यमी योजना’ के तहत लाभार्थियों को चेक सौंपकर उन्हें खुद के साथ-साथ दूसरों को भी रोजगार देने के लिए प्रेरित किया।

  • अजय प्रताप सिंह और दनिश्ता फातिमा को 5-5 लाख रुपये के ऋण चेक प्रदान किए गए।
  • ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ के तहत सोनम वर्मा और मनीष कुमार भदौरिया को 25-25 लाख रुपये व आकांक्षा सिंह को 10 लाख रुपये का चेक दिया गया।
  • नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वंदना तिवारी और ललिता देवी को भी सम्मानित किया गया।

सदस्यता और डिपॉजिट में इन जिलों ने मारी बाजी

कार्यक्रम में ‘एम-पैक्स सदस्यता महाभियान’ के तहत सर्वाधिक सदस्य बनाने और सबसे ज्यादा डिपॉजिट जमा करने वाले जिलों व बैंकों को पुरस्कृत किया गया:

सर्वाधिक सदस्य बनाने वाले जिले:

  1. महाराजगंज: 1.22 लाख सदस्य (प्रथम)
  2. शाहजहांपुर: 1.08 लाख सदस्य (द्वितीय)
  3. उन्नाव: 1.02 लाख सदस्य (तृतीय)

सर्वाधिक डिपॉजिट एकत्र करने वाले जिला सहकारी बैंक:

  • मेरठ: 125 करोड़ रुपये से अधिक का डिपॉजिट।
  • गाजियाबाद: 65.48 करोड़ रुपये से अधिक।
  • लखीमपुर खीरी: उल्लेखनीय डिपॉजिट संचयन के लिए सम्मानित।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि सहकारिता अब केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की नींव बन रही है। उन्होंने बैंक अध्यक्षों और सचिवों को निर्देश दिया कि वे अधिक से अधिक पारदर्शी तरीके से आम जनता और किसानों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ें।

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