उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार को रिटायरमेंट के तुरंत बाद नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें ‘उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग’ का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। हालांकि, इस नियुक्ति पर सियासत गरमा गई है और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने चिर-परिचित मजाकिया और तल्ख अंदाज में पूर्व आईपीएस अधिकारी को ‘बधाई’ दी है।
बधाई हो! अब ‘फेक एनकाउंटर’ के बाद ‘फेक भर्तियां’ देखने को मिलेंगी
गुरुवार (18 दिसंबर) को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान जब पत्रकारों ने अखिलेश यादव से प्रशांत कुमार की नियुक्ति पर सवाल पूछा, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
“बधाई हो, फेक एनकाउंटर के बाद फेक भर्तियां देखने को मिलेगी।”
अखिलेश यादव का यह बयान उन आरोपों की ओर इशारा करता है जो विपक्ष अक्सर यूपी पुलिस और पूर्व डीजीपी के कार्यकाल के दौरान हुए एनकाउंटर्स पर लगाता रहा है। अब शिक्षा सेवा चयन आयोग का जिम्मा एक पूर्व पुलिस अधिकारी को दिए जाने पर अखिलेश ने सरकारी भर्तियों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राज्यपाल ने मुहर लगाकर सौंपी कमान
बता दें कि बुधवार (17 दिसंबर) को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने ‘उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम, 2023’ की शक्तियों का उपयोग करते हुए यह नियुक्ति की है। हाल ही में इस अधिनियम को 2025 के नए अध्यादेश के माध्यम से संशोधित भी किया गया है। प्रशांत कुमार, जो उत्तर प्रदेश के डीजीपी रह चुके हैं, अब प्रयागराज स्थित इस आयोग के जरिए प्रदेश में शिक्षकों और शिक्षा विभाग की नियुक्तियों की कमान संभालेंगे।
कोडीन सिरप और बुलडोजर पर भी बरसे अखिलेश
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने ‘कोडीन सिरप’ घोटाले को लेकर भी योगी सरकार को घेरा। उन्होंने इसे हजारों करोड़ का घोटाला करार देते हुए कहा कि सरकार का ‘बुलडोजर’ चुनिंदा लोगों पर ही चलता है। अखिलेश ने हमला बोलते हुए कहा:
“कोई घटना हो जाए तो बुलडोजर चल जाता है, इस बार मुख्यमंत्री जी के खिलौना बुलडोजर का ड्राइवर भाग गया है।”
सपा अध्यक्ष ने आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि यूपी में जिन 24 लोगों पर बुलडोजर कार्रवाई हुई, उनमें से 22 लोग PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज से हैं।
वोट काटने की साजिश का आरोप
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अधिकारियों के कान में समाजवादियों के वोट काटने का निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने गणित समझाते हुए कहा कि भाजपा का जनाधार खिसक रहा है और आगामी चुनावों में जनता उन्हें करारा जवाब देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों पर ‘SIR’ में दबाव बनाया जा रहा है ताकि विपक्षी वोटों को प्रभावित किया जा सके।