बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर का हिजाब (नकाब) खींचने के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस शर्मनाक घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने मुख्यमंत्री के आचरण की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री का पद बेहद गरिमापूर्ण होता है और इस तरह की हरकतें न केवल महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि समाज में भी गलत संदेश देती हैं।
“महिला को अपमानित कर बिहार छोड़ने पर किया मजबूर”
सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की इस हरकत के कारण पीड़ित महिला डॉक्टर को गहरा मानसिक आघात लगा है। उन्होंने कहा कि वह महिला अपनी योग्यता के बल पर उस पद तक पहुंची थी, लेकिन सार्वजनिक मंच पर उन्हें अपमानित किया गया। इकरा हसन ने दावा किया कि यह घटना इतनी दुखद थी कि वह महिला अब बिहार छोड़कर कोलकाता में अपने भाई के साथ रहने के लिए मजबूर हो गई है। इकरा हसन ने मांग की है कि:
“हम समझते हैं कि मुख्यमंत्री बुजुर्ग हैं, लेकिन किसी भी बुजुर्ग या पिता समान व्यक्ति को किसी महिला का घूंघट या हिजाब खींचने का अधिकार नहीं है। हम मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से उस महिला से माफी मांगें।”
‘संविधान तय करेगा हम क्या पहनें, कोई संगठन नहीं’
वीएचपी (VHP) द्वारा बुर्का पर प्रतिबंध लगाने की मांग पर भी इकरा हसन ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश है और यहां के नागरिकों के अधिकार संविधान द्वारा सुरक्षित हैं। इकरा हसन ने पलटवार करते हुए कहा:
“देश अभी भी संविधान के तहत चल रहा है। हमें यह तय करने का अधिकार संविधान देता है कि हमें कैसे जीना चाहिए और क्या पहनना चाहिए। किसी भी संगठन को हमारे निजी अधिकारों पर नियंत्रण करने का कोई अधिकार नहीं है।”
यूपी की सड़कों पर नीतीश और संजय निषाद के खिलाफ पोस्टर वॉर
इस विवाद की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक पहुंच गई है। सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और यूपी के मंत्री संजय निषाद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए जगह-जगह पोस्टर लगाए हैं। नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए पोस्टरों में लिखा गया है— “नियुक्ति पत्र मांगती बच्चियां, हिजाब हटाया जा रहा”। वहीं, संजय निषाद के खिलाफ पोस्टर में उनकी विवादित टिप्पणियों का जिक्र करते हुए लिखा गया कि सत्ता के घमंड में मंत्री अपनी मर्यादा भूल रहे हैं।
अखिलेश यादव के समर्थन वाले इन पोस्टरों में उन्हें ‘नारी सम्मान की ढाल’ के रूप में पेश किया गया है। बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब पटना में नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान नीतीश कुमार ने एक नवनियुक्त आयुष डॉक्टर का हिजाब खींचकर हटा दिया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।