भारत ने दुबई एयर शो (17-18 नवंबर) में अपनी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को प्रदर्शित किया है, जिस मिसाइल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान के 11 एयरबेस तबाह किए थे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला अवसर है जब भारत ने अपनी इस महत्वपूर्ण मिसाइल को किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर शोकेस किया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने दुबई एयर शो में बाकायदा पवेलियन लगाकर इस मिसाइल को प्रदर्शित किया। इस दौरान रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी एयर शो में मौजूद रहे।
पाकिस्तान भी एयर शो में शिरकत कर रहा
इस प्रदर्शन की खास बात यह है कि दुबई एयर शो में पाकिस्तान भी शिरकत कर रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना ने ब्रह्मोस मिसाइल को सुखोई फाइटर जेट से लॉन्च किया था, जिसने पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस पर इतनी तबाही मचाई थी कि कुछ एयरबेस आज तक ऑपरेशन्ल नहीं हो पाए हैं।
लड़ाकू विमान के अलावा, ब्रह्मोस मिसाइल को जमीन, युद्धपोत और पनडुब्बी से भी दागा जा सकता है। भारत ब्रह्मोस मिसाइल को भी मित्र-देशों को निर्यात करने के लिए तैयार है, यही वजह है कि रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ खुद दुबई में मौजूद रहे।
LCA तेजस और अन्य कंपनियों का प्रदर्शन
ब्रह्मोस मिसाइल के अलावा, भारत ने स्वदेशी फाइटर जेट एलसीए तेजस को भी दुबई एयर शो में प्रदर्शित किया है।
तेजस का महत्व: रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 180 मार्क-1ए लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) का ऑर्डर दिया है। एलसीए तेजस को भारत मित्र-देशों को निर्यात करने के लिए भी तैयार कर रहा है, जिसके चलते दुबई एयर शो में इसकी शिरकत अहम हो जाती है। पिछले महीने ही महाराष्ट्र के नासिक में एलसीए तेजस के एडवांस वर्जन मार्क-1ए की पहली फ्लाइट का आयोजन किया गया था।
दुबई एयर शो में स्थापित भारतीय मंडप में एचएएल, डीआरडीओ, कोरल टेक्नोलॉजीज सहित कई प्रमुख भारतीय रक्षा एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों के स्टॉल मौजूद थे। भारत फोर्ज, ब्रह्मोस, टेक महिंद्रा और एचबीएल इंजीनियरिंग सहित 19 भारतीय कंपनियों ने स्वतंत्र रूप से अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया, साथ ही 15 भारतीय स्टार्टअप ने भी अपने उत्पादों को शोकेस किया। भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने भी इस एयर शो में भाग लिया।
दुबई एयर शो का महत्व
दुबई एयर शो एक द्विवार्षिक वैश्विक आयोजन है, जिसमें 150 देशों के 1500 से अधिक प्रदर्शक और 1,48,000 से अधिक औद्योगिक पेशेवर भाग लेते हैं। इसमें एयरबस, लॉकहीड मार्टिन, बॉम्बार्डियर और डसॉल्ट एविएशन जैसी अग्रणी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने उत्पादों एवं तकनीकों का प्रदर्शन करती हैं।