हम अक्सर यह सोचकर लापरवाह हो जाते हैं कि हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक अचानक बिना किसी चेतावनी के होते हैं, लेकिन हालिया रिसर्च ने इस मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया है। जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, 99 प्रतिशत मरीजों में दिल या दिमाग पर अटैक से पहले कम से कम एक बड़ा रिस्क फैक्टर मौजूद था।
क्या कहती है रिसर्च?
इस बड़े अध्ययन में कोरिया के 6 लाख से ज्यादा लोगों और अमेरिका के 1200 से अधिक मरीजों के डेटा का विश्लेषण किया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि लगभग हर मरीज में स्ट्रोक या हार्ट अटैक से पहले कोई न कोई प्रमुख कारण पहले से मौजूद था। यानी अगर हम समय रहते अपनी गलतियों को सुधार लें, तो इन घातक बीमारियों से बचा जा सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर: सबसे बड़ा साइलेंट किलर
स्टडी के अनुसार, 96 प्रतिशत मरीजों में हाई ब्लड प्रेशर पाया गया। यह बिना किसी लक्षण के धीरे-धीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाता है, खासकर दिल और दिमाग को।
कैसे बचें: नमक का सेवन सीमित करें, रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलें या हल्की एक्सरसाइज करें, तनाव को कम करने की कोशिश करें और नियमित रूप से बीपी चेक करवाएं।
स्मोकिंग: धमनियों का दुश्मन
रिसर्च में 68 प्रतिशत मरीज धूम्रपान करने वाले पाए गए। सिगरेट में मौजूद केमिकल्स धमनियों को सिकोड़ देते हैं, जिससे ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है और दिल पर दबाव बढ़ जाता है।
कैसे बचें: तुरंत स्मोकिंग छोड़ें, चाहे सिगरेट हो या बीड़ी। जरूरत पड़े तो निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी या डॉक्टर की मदद लें।
हाई कोलेस्ट्रॉल: धमनियों में जमता जहर
खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ने से ब्लड वेसल्स की अंदरूनी दीवारों पर प्लाक जमने लगता है, जो ब्लॉकेज बनकर हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बनता है।
कैसे बचें: फास्ट फूड और ट्रांस फैट से दूरी बनाएं, ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ खाएं और समय-समय पर ब्लड टेस्ट करवाते रहें।
हाई ब्लड शुगर: डायबिटीज से दोगुना खतरा
डायबिटीज वाले लोगों में दिल की बीमारी या स्ट्रोक का खतरा सामान्य व्यक्तियों की तुलना में दो गुना होता है। बढ़ी हुई शुगर ब्लड वेसल्स को सख्त कर देती है, जिससे खून का बहाव रुक जाता है।
कैसे बचें: मीठे और मैदे से बने खाद्य पदार्थों से परहेज करें, फाइबर युक्त आहार लें, ब्लड शुगर की नियमित जांच करें और रोजाना व्यायाम करें।
महिलाओं में भी बढ़ रहा है खतरा
पहले यह माना जाता था कि 60 साल से कम उम्र की महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा कम होता है, लेकिन इस रिसर्च के अनुसार 95 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं में भी कोई न कोई रिस्क फैक्टर पाया गया।
हार्मोनल बदलाव, स्ट्रेस और गलत डाइट इसकी प्रमुख वजहें हैं।
कैसे बचें: मेनोपॉज या पीरियड्स के दौरान हार्मोनल जांच करवाएं, मेडिटेशन करें, तनाव कम करें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह के रूप में न लें। किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।)