भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वालों पर पंजाब पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने गुरुवार (9 अक्टूबर, 2025) को राज्यभर में 15 एफआईआर दर्ज की हैं। इन मामलों में कई सोशल मीडिया हैंडल्स शामिल हैं, जिनमें यूट्यूबर अजीत भारती का नाम भी सामने आया है।
CJI की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले पोस्टों पर कार्रवाई
पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ भड़काऊ, जाति-आधारित अपमानजनक और नफरत फैलाने वाली पोस्ट्स पर पुलिस ने संज्ञान लिया है। ऐसी सामग्री न केवल सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश करती है, बल्कि न्यायिक संस्थानों की गरिमा को ठेस पहुंचाती है।
उन्होंने कहा कि इन पोस्टों में कई जगह जातिवादी टिप्पणियां, नफरत भरे संदेश और हिंसा भड़काने वाले कथन पाए गए हैं, जिनका उद्देश्य समाज में फूट डालना और अशांति फैलाना था।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुईं एफआईआर
पुलिस ने बताया कि गंभीर अपराधों से जुड़ी शिकायतों के आधार पर केस दर्ज किए गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की
धाराएँ 3(1)(R), 3(1)(S) और 3(1)(U) शामिल हैं।
इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएँ 196, 352, 353(1), 353(2) और 61 के तहत भी एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर बढ़ी निगरानी
पंजाब पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति को संविधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। प्रवक्ता ने कहा कि जो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जाति या धर्म के आधार पर नफरत फैलाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।