18 हजार शपथपत्र के बावजूद चुनाव आयोग ने कुछ नहीं किया: राहुल गांधी के बाद अखिलेश यादव का बड़ा हमला

लोकसभा चुनावों में कथित वोटर लिस्ट घोटाले को लेकर विपक्ष का हमला तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बाद अब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में हजारों वोटरों के नाम जानबूझकर काटे गए और जब इसकी शिकायत 18,000 शपथ पत्रों के साथ की गई, तब भी आयोग ने कोई कदम नहीं उठाया।

“18 हजार वोटरों का नाम काटा गया, शपथ पत्र देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई”

अखिलेश यादव ने संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा:
“हमने चुनाव आयोग को 18 हजार शपथ पत्रों के साथ शिकायतें सौंपी थीं कि यूपी में खास वर्ग के वोटर लिस्ट से नाम काटे गए। लेकिन न कोई कार्रवाई हुई और न ही किसी बीएलओ को हटाया गया।”

उन्होंने आगे कहा कि यह कार्रवाई जानबूझकर बीजेपी के इशारे पर की गई थी ताकि विपक्षी मतदाता वोट न डाल सकें।

“पुलिस वोटरों को रोक रही थी, अधिकारी सेटिंग में लगे थे”

अखिलेश ने हाल ही में हुए उपचुनावों को लेकर भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा:
“जहां हाल में उपचुनाव हुआ, वहां पुलिस खुद रिवॉल्वर लेकर वोटरों को रोक रही थी। कुंदरकी में तो पुलिस वालों की वोट डालते हुए सीसीटीवी फुटेज तक हमारे पास है। मिल्कीपुर में चुनाव जीतने के लिए अधिकारियों की पूरी सेटिंग की गई थी।”

उन्होंने यह भी बताया कि किस अधिकारी को प्रेसीडिंग ऑफिसर बनाना है और उन्हें क्या टारगेट दिए गए हैं – इसका पूरा रिकॉर्ड आयोग को सौंपा गया था। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

“चुनाव आयोग न ट्रांसफर करता है, न कार्रवाई”

पूर्व मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा:
“चाहे जितनी शिकायतें कर लो, चुनाव आयोग किसी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता। ट्रांसफर-पोस्टिंग भी नहीं होती। सरकार बदलने पर डीजीपी और मुख्य सचिव बदल जाते हैं, लेकिन चुनाव आयोग कुछ नहीं करता।”

उन्होंने प्रशासन को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि वह वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को सुधारने में सहयोग नहीं करता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *