नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के “वोट चोरी” के आरोपों पर चुनाव आयोग द्वारा शपथ पत्र की मांग ने देश की राजनीति में एक बार फिर उबाल ला दिया है। इस बार कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कड़ा रुख अपनाते हुए चुनाव आयोग की आलोचना की है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी जांच के आयोग यह कैसे मान सकता है कि लगाए गए आरोप गलत हैं?
प्रियंका गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर चुनाव आयोग को लगता है कि उसकी जिम्मेदारी सिर्फ भाजपा के प्रति है, तो उन्हें इस पर दोबारा विचार करना चाहिए।”
क्या है मामला?
दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में कर्नाटक में फर्जी वोटर्स की सूची बनाए जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में आयोग ने राहुल से उन मतदाताओं की जानकारी मांगी, जिनके नामों को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई थी। साथ ही एक शपथ पत्र भी मांगा गया, जिससे प्रियंका गांधी भड़क उठीं।
संसद परिसर में मीडिया से बोलीं प्रियंका
प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा,
“वे जो शपथपत्र मांग रहे हैं, वह एक ऐसे कानून के तहत है जिसमें आपको 30 दिन के भीतर याचिका देनी होती है। तो फिर आयोग हलफनामा क्यों मांग रहा है? इतनी बड़ी बात सामने आई है, इसकी जांच होनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “क्या वह शपथ संसद में ली जाने वाली शपथ से भी बड़ी है? हमने वह शपथ ली है। हम सार्वजनिक रूप से यह बात कह रहे हैं और सबूत भी दे रहे हैं।”
एक लाख से अधिक फर्जी वोट्स का दावा
प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी की बात दोहराते हुए दावा किया कि एक विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा फर्जी वोट पाए गए हैं। उन्होंने कहा,
“जिसे वोट मिलेगा, वही जीतेगा — ये तय करने का अधिकार किसी एक पार्टी को नहीं है। यह हमारे देश का लोकतंत्र है, मज़ाक नहीं।”
भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला
प्रियंका गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा,
“अगर उन्हें लगता है कि उनकी जवाबदेही सिर्फ भाजपा के प्रति है, तो उन्हें सोचना होगा। आज सत्ता में वे हैं, लेकिन कल कोई और भी हो सकता है। अगर आप लोकतंत्र को खत्म करने में साथ देंगे, तो आपको जवाब देना पड़ेगा।”
राहुल को ‘गाली’ और शपथ पत्र?
प्रियंका ने भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा,
“अगर कोई शिक्षक से कहे कि नकल हो रही है, तो शिक्षक जांच करेगा या थप्पड़ मारेगा? यहां तो राहुल गांधी को गालियां दी जा रही हैं और कहा जा रहा है कि हलफनामा भर दो। अगर चुनाव आयोग की नाक के नीचे ऐसा घोटाला हो रहा है और वे जांच नहीं कर रहे, तो सवाल उठेंगे ही।”