नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित भोगल इलाके में उनके चचेरे भाई आसिफ कुरैशी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। यह हत्या एक मामूली पार्किंग विवाद के बाद हुई, लेकिन अंत इतना खौफनाक था कि पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना देर रात क़रीब 11:30 बजे हुई और आसिफ को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पार्किंग विवाद से शुरू हुआ था झगड़ा
जानकारी के मुताबिक, आसिफ कुरैशी का एक व्यक्ति से अपने घर के सामने स्कूटी खड़ी करने को लेकर झगड़ा हुआ था। बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने गुस्से में आकर आसिफ के सीने में धारदार हथियार से वार कर दिया। आसिफ मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
पुलिस ने पकड़े दो आरोपी
दिल्ली पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवकों की पहचान उज्ज्वल (19) और गौतम (18) के रूप में हुई है, जो आपस में सगे भाई हैं। दोनों चर्च लेन की उसी गली में रहते हैं जहां आसिफ का घर है। पुलिस के अनुसार, दोनों घटना के तुरंत बाद पकड़े गए और फिलहाल हत्या के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
आसिफ की पत्नी का आरोप – नफरत के चलते की गई हत्या
मामले को और गंभीर बना दिया है आसिफ की पत्नी के बयान ने। उन्होंने कहा,
“आरोपी हमारे पति से नफरत करते थे, क्योंकि वे मुस्लिम होकर भी हिंदू पड़ोसियों से बेहद घुल-मिलकर रहते थे। उन्होंने जानबूझकर हमारे घर के बाहर स्कूटी खड़ी की, जबकि उनका घर हमारी गली से दूर है।”
आसिफ की पत्नी ने यह भी बताया कि घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दोनों आरोपी आसिफ पर हमला करते दिख रहे हैं और वह खुद बीच-बचाव करती नजर आती हैं।
CCTV में कैद हुई घटना
घटना के वक्त पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे मामूली बहस ने हिंसक रूप ले लिया और दो युवक मिलकर आसिफ पर हमला कर देते हैं।
दिल्ली में गूंजा सवाल – क्या एकता की मिसाल देना भी गुनाह है?
इस हत्याकांड ने न सिर्फ एक परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आज के दौर में सांप्रदायिक एकता दिखाना कुछ लोगों को नागवार गुजरता है? आसिफ कुरैशी की हत्या अब एक सामाजिक बहस का विषय भी बन चुकी है।