दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पासपोर्ट नवीनीकरण की अनुमति मिल गई है। सुलतानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें यह राहत जरूर दी, लेकिन एक अहम शर्त के साथ — अब वह बिना इजाजत देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।
कोर्ट ने शर्त के साथ दी इजाजत
विशेष न्यायाधीश शुभम वर्मा ने बुधवार को सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यदि अरविंद केजरीवाल विदेश यात्रा करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले अदालत से अनुमति लेनी होगी। पासपोर्ट नवीनीकरण की अनुमति अदालत ने इसी शर्त पर दी है।
विदेश यात्रा की कठिनाइयों का दिया हवाला
केजरीवाल की ओर से पेश हुए वकील मदन सिंह ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि वर्तमान में उनका पासपोर्ट नवीनीकरण आवश्यक है, क्योंकि विदेश यात्रा के दौरान उन्हें कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
2014 के केस में हैं जमानत पर
गौरतलब है कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव के समय अरविंद केजरीवाल के खिलाफ अमेठी में आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। यह केस अभी विचाराधीन है और केजरीवाल इस समय उसमें जमानत पर हैं।
कोर्ट के इस फैसले से केजरीवाल को राहत जरूर मिली है, लेकिन साथ ही यह संदेश भी गया है कि कानून के दायरे में रहकर ही कोई भी राजनीतिक शख्स विदेश यात्रा कर सकता है।