
गुजरात के अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में पिछले दो दशकों में किए गए सुधार कार्यों से जुड़े एक कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान, गांधी नगर के महात्मा मंदिर में पीएम मोदी ने 5,536 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
‘मेड इन इंडिया’ पर गर्व
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भारतीय उत्पादों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हमें अब अपने देश के ब्रांड पर गर्व करना चाहिए और “मेड इन इंडिया” पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारी जरूरत की ज्यादातर चीजों के लिए हम पहले दूसरे देशों पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब यह चीजें देश में ही उपलब्ध हैं। हमारी जरूरत की 90% से अधिक और बेहतर चीजें अब भारत में ही मिल रही हैं। हमें इनका इस्तेमाल करना चाहिए।”
भारत की आर्थिक प्रगति की दिशा
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत की आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया, “मुझे याद है जब हम छठे से पांचवे स्थान पर पहुंचने का जश्न मना रहे थे, क्योंकि हम उस देश को पीछे छोड़ने में सफल हुए थे, जिसने 250 वर्षों तक हम पर शासन किया था। अब, जब हम चौथे स्थान पर आ गए हैं, तो तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का दबाव बढ़ रहा है। इससे भी अधिक दृढ़ संकल्प की जरूरत है। यह देश अब इंतजार नहीं करना चाहता। अगर कोई कहता है कि हमें धैर्य रखना चाहिए, तो आप आवाजें सुन सकते हैं, ‘मोदी है तो मुमकिन है’।”
2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा स्पष्ट लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है।” उन्होंने यह भी याद किया कि 2014 में जब वह पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, तब भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में 11वें स्थान पर थी। उन्होंने कहा, “हमने कोरोना महामारी से जूझते हुए, पड़ोसियों से उत्पन्न समस्याओं का सामना करते हुए और प्राकृतिक आपदाओं के बीच भी इतना बड़ा बदलाव हासिल किया। अब हम 11वें नंबर से चौथे नंबर की अर्थव्यवस्था बन चुके हैं।”
पीएम मोदी ने आगे कहा, “हम विकास चाहते हैं, प्रगति चाहते हैं। हमारा उद्देश्य है कि 2047 में हिंदुस्तान को पूरी तरह से विकसित बनाना चाहिए। हम आज़ादी के 100 साल ऐसे मनाएंगे, कि दुनिया में एक मजबूत और विकसित भारत का झंडा फहराता रहेगा।”