90 साल बाद रक्षाबंधन पर बन रहे चार अद्भुत संयोग, भाई-बहन का रिश्ता होगा मजबूत

रक्षाबंधन पर इस बार करीब 90 साल बाद 4 शुभ महासंयोग बन रहे हैं। ग्रह-नक्षत्रों का यह अद्भुत संयोग भाई बहन के रिश्ते को और मजबूत करेगा। शाहजहांपुर के श्री रुद्र बाला जी धाम के पुजारी पंडित कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि महावीर पंचांग के अनुसार 19 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।इस बार रक्षाबंधन के दिन 4 अद्भुत संयोग बन रहे है. रक्षाबंधन के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, शोभन योग और श्रवण नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है. इसके अलावा इस दिन सावन का अंतिम सोमवार भी है. ऐसे में यह दिन बेहद शुभ साबित होगा।19 अगस्त को सुबह से लेकर रात 8 बजकर 40 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और रवियोग है. सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए सभी कार्यों में सिद्धियां प्राप्त होती है. ऐसे में इस समय में रक्षासूत्र बांधा जाए तो भाइयों पर आने वाली सभी बालाएं दूर होंगी और उन्हें आरोग्य होने का का वरदान भी मिलेगा।
पाताल लोक की भद्रा
पंचांग के अनुसार, 18 अगस्त को रात 2 बजकर 21 मिनट से भद्रा की शुरूआत हो रही है, जो अगले दिन 19 अगस्त को 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, हालांकि पाताल लोक की भद्रा का पृथ्वी पर दुष्प्रभाव नहीं होता, फिर भी भद्रा काल में रक्षा सूत्र बांधना शुभ नहीं माना जाता है, इसीलिए 19 अगस्त को दोपहर में 1 बजकर 24 मिनट के बाद रक्षासूत्र बांधा जाएगा।
19 अगस्त को सुबह से लेकर रात 8 बजकर 40 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और रवियोग है. सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए सभी कार्यों में सिद्धियां प्राप्त होती हैं। ऐसे में इस समय में रक्षासूत्र बांधा जाए तो भाइयों पर आने वाली सभी बालाएं दूर होंगी और उन्हें आरोग्य होने का का वरदान भी मिलेगा।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
श्री रुद्र बाला जी धाम के पुजारी पंडित कान्हा कृष्ण शुक्ल के अनुसार, 19 अगस्त सोमवार को दोपहर 1 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 25 मिनट तक रक्षासूत्र बांधने का शुभ समय है, इस समय में रक्षासूत्र बांधने से भाइयों को दीर्घायु के आशीर्वाद के साथ ऐश्वर्य और सौभाग्य का लाभ भी मिलेगा।

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