
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को सूबे के अतिथि शिक्षकों के लिए सौगातों की झड़ी लगा दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों की महापंचायत में कई बड़े ऐलान करके उन्हें खुश कर दिया।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अतिथि शिक्षकों के जीवन से अनिश्चितता के बादल छंट जाएंगे। हम गुरु जी की तरह पात्रता परीक्षा लेकर अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का काम करेंगे। आज से सभी अतिथि शिक्षकों को दोगुना मानदेय दिया जाएगा।
मानदेश दोगुना करने का ऐलान
सीएम शिवराज ने भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि प्रथम वर्ग के अतिथि शिक्षकों का मानदेय नौ हजार से बढ़ाकर 18 हजार, द्वितीय वर्ग का मानदेय सात से बढ़ाकर 14 हजार और तृतीय वर्ग का पांच से बढ़ाकर 10 हजार रुपए किया जाएगा।
पूरे वर्ष मिलेगा मानदेय
शिवराज ने कहा- अतिथि शिक्षकों ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से सूबे में साक्षरता बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। हमने तय किया है कि अब सूबे में अतिथि शिक्षकों के मानदेय की व्यवस्था पीरियड के हिसाब से नहीं, महीने के हिसाब से होगी। अब अतिथि शिक्षकों का अनुबंध पूरे साल के लिए होगा यानी कि उन्हें पूरे 12 महीने वेतन मिलेगा। शिक्षकों की भर्ती में 50 प्रतिशत पद अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित रहेंगे।
परमानेंट योजना बनाई जाएगी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आने वाले दिनों में अतिथि शिक्षक अनिश्चित के भाव से निकाल पाएंगे। अब बीच में कोई भी गैप नहीं होगा, एक बार अनुबंध हो गया तो पूरे साल चलेगा। अतिथि शिक्षकों को अनिश्चिता के भंवर से निकालने के लिए परमानेंट कोई योजना बनानी पड़ेगी। इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने पिछली कमलनाथ सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कमलनाथ की सरकार ने शिक्षा व्यवस्था ठीक करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए थे।
अगली भर्ती से नियमित करने पर काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवराज ने कहा कि अभी तक शिक्षक भर्ती में अतिथि शिक्षिकों को 25 फीसदी दिया जा रहा था अब हम इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर रहे हैं। जो पढ़ा रहे हैं, जो अनुभवी हैं, बरसों का व्यवहारिक ज्ञान जिनको है, यदि वो भर्ती होंगे तो मैं समझता हूं कि वो बेहतर ढंग से बच्चों को पढ़ा सकेंगे। हम अगली भर्ती से अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की योजना को लागू करने पर काम शुरू कर देंगे।
मांगा कमिटमेंट
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आपका एक कमिटमेंट मुझे चाहिए कि पढ़ाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। और दूसरा कमिटमेंट मेरा है कि मैं आपकी जिंदगी में अनिश्चितता नहीं रहने दूंगा। निश्चितता लाकर ही चैन की सांस लूंगा। नीति बनकर आपके भविष्य को भी सुरक्षित रखेंगे। सीएम ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। जब नियमित शिक्षक नहीं थे तब अतिथि शिक्षक के रूप में आपने जिम्मेदारी संभाली। आपने पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्व का निर्वाह किया।