
राणा शुगर मिल में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और लूटपाट करने के 12 साल पुराने चर्चित प्रकरण में भाजपा के पूर्व विधायक काशीराम दिवाकर समेत सभी दोषियों को कोर्ट ने गुरुवार को सात-सात साल की सजा सुनाई गई है।एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने अलग-अलग गुनाहों के लिए सभी दोषियों पर अलग-अलग जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।शाहबाद कोतवाली क्षेत्रांतर्गत करीमगंज स्थित राणा शुगर मिल में 15 जनवरी 2012 की रात में बवाल हुआ था। इसमें राणा शुगर मिल के उपाध्यक्ष ओमवीर सिंह की ओर से शाहबाद कोतवाली में भाजपा के तत्कालीन विधायक काशीराम दिवाकर, भाजपा नेता सुरेश बाबू गुप्ता, किशन पाल, भारत, संजू यादव और मेघराज समेत 38 लोगों को नामजद करते हुए दो सौ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। इन सभी पर चीनी मिल में घुसकर तोड़फोड़, फायरिंग, लूटपाट, मारपीट करने का आरोप था। इस मामले में कोर्ट में 28 आरोपियों का ट्रायल चला था। इसमें एक आरोपी की मृत्यु ट्रायल के दौरान हो गई थी। कोर्ट ने बुधवार को शेष 27 आरोपियों में से छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।दंड के प्रश्न पर सुनवाई के लिए गुरुवार को भाजपा के पूर्व विधायक समेत सभी छह दोषियों को कोर्ट में पेश किया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा ने बताया कि विशेष सत्र न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) डाक्टर विजय कुमार ने पूर्व विधायक काशीराम दिवाकर, किशनपाल, भारत, संजू यादव, मेघराज और सुरेश बाबू गुप्ता को सात-सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक पर 1.06 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी संजू यादव पर एक अन्य आरोप में 70 हजार का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है। सजा के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।