भारत माता के सम्मान पर आघात, महिला आरक्षण बिल गिरते ही भड़के योगी, विपक्ष पर तीखा हमला

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पारित न होने के बाद सियासत गरमा गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र के लिए बड़ा झटका बताया है।

“लोकतंत्र के इतिहास में काला अध्याय”—सीएम योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आज भारत के महान लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ गया.” उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को पारित न होने देना “भारत माता” के सम्मान पर आघात है.

उन्होंने आगे कहा, “देश की समूची मातृशक्ति के साथ धोखा है. उनके लोकतांत्रिक अधिकार का हरण है. कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन ने अपनी नारी विरोधी मानसिकता को दर्शाया है. देश की नारी शक्ति सब देख और समझ रही है.”

“नारी देगी जवाब”—योगी का बड़ा बयान

सीएम योगी ने आगे कहा, “नारी इस छल एवं अन्याय को याद रखेगी तथा समय आने पर इसका उत्तर भी देगी.” उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में एनडीए सरकार महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण के लिए काम जारी रखेगी।

स्पीकर ने बताया वोटिंग का गणित

Om Birla ने बताया कि बिल पर मत विभाजन के दौरान पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। उन्होंने कहा कि यह बिल विचार के स्तर पर ही गिर गया, इसलिए आगे की कार्यवाही संभव नहीं है।

राहुल गांधी का पलटवार

वहीं, नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “यह बिल संविधान पर आक्रमण था. इसको हमने हरा दिया है तो अच्छी बात है.”
उन्होंने आगे कहा, “हमने संविधान पर हुए इस हमले को हरा दिया है. हमने साफ तौर पर कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है. हमने इसे रोक दिया है.”

महिला आरक्षण पर बढ़ी सियासी जंग

महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद अब सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक तरफ जहां सरकार इसे महिलाओं के अधिकारों से जोड़कर देख रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बता रहा है।

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