भाजपा की पहली चुनौती

नई सरकार के गठन के बाद अब लोकसभा स्पीकर का चुनाव होना बाकी है। 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान ही नए स्पीकर का चुनाव होना है। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवाई कर रही भाजपा स्पीकर की कुर्सी अपने पास रखना चाहती है, तो वहीं तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) भी यह पद चाह रही है। ऐसे में अब सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की निगाहें लोकसभा अध्यक्ष पर टिकी हुई हैं।भाजपा अपने सहयोगी दलों के साथ विचार-विमर्श के बाद ये तय मान कर चल रही है कि अगला लोकसभा अध्यक्ष भी भाजपा से ही होगा। पार्टी लोकसभा उपाध्यक्ष का पद एनडीए के किसी सहयोगी दल को देने के लिए तैयार नजर आ रही है। वहीं, दूसरी तरफ विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा के इंतजार में है। एनडीए के किसी के नेता को अध्यक्ष बनाए जाने की स्थिति में विपक्ष का रुख नरम हो सकता है। लेकिन भाजपा के मूल कैडर के नेता को अध्यक्ष बनाए जाने की स्थिति में विपक्ष पूरी ताकत के साथ चुनौती पेश करेगा। लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव से पहले भाजपा के दिग्गज नेता और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक्टिव हो गए हैं। संवाद और सबको साध करने चलने में माहिर में राजनाथ सिंह ने एनडीए गठबंधन को एकजुट रखने का जिम्मा संभाल लिया है। वे अपने आवास पर गठबंधन के नेताओं के नेताओं से मिल रहे हैं।विपक्ष गठबंधन पिछले पांच साल से डिप्टी स्पीकर का पद खाली रहने को लेकर भाजपा पर आक्रामक है। संसद सत्र के दौरान इसे लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि राजनाथ सिंह पार्टी के ऐसे चेहरों में हैं, जिनकी बात विरोधी दल के नेता भी मानते हैं। उनके सभी दलों के नेताओं के साथ अच्छा तालमेल है। रक्षा मंत्री की मृदुभाषी, संवाद से समस्याएं सुलझाने वाले नेता की छवि है। कई अहम मौकों पर संसद में गतिरोध की स्थिति आने पर सरकार पहले भी राजनाथ को आगे कर चुकी है। ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव में राजनाथ सिंह की स्वीकार्यता और मान्य नेता का रोल अहम हो गया है।भाजपा की सहयोगी टीडीपी और जेडीयू को विपक्षी पार्टियां भी स्पीकर पोस्ट अपने पास रखने के लिए कहते हुए नजर आ रही है। जेडीयू ने तो साफ कर दिया है कि भाजपा जिसे नामित करेगी, हम उसका समर्थन करेंगे लेकिन टीडीपी की ओर से इसे लेकर कोई बयान नहीं आया है।टीडीपी के रुख को देखते हुए ऐसा नहीं लग रहा है कि वो भी जनता दल (यू) की तरह आसानी से मान जाएगी। टीडीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पट्टाभि राम कोमारेड्डी ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया है कि स्पीकर का पद उसी को मिलेगा, जिसके नाम पर सर्वसम्मति होगी।शिवसेना (यूबीटी) ने भाजपा का खेल खराब करने के लिए मैदान संभाल लिया है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि अगर एनडीए में शामिल टीडीपी लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार खड़ा करती है, तो विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सभी सहयोगी उसके लिए समर्थन सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे।18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून को शुरू होगा और 3 जुलाई को समाप्त होगा। 9 दिवसीय विशेष सत्र के दौरान, लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा और नए संसद सदस्य (सांसद) शपथ लेंगे।

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