
दिल्ली में आसमान से बरस रही आग के बीच जनता पर दोहरी मार पड़ रही है, एक तरफ जहां भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है, वहीं दूसरी तरफ भीषण जल संकट ने भी उनका जीना मुहाल कर दिया है।ऐसे में एक बाल्टी पानी के लिए भी उन्हें टैंकरों के पीछे भागना पड़ रहा है। वहीं दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने लोगों को रही इन दिक्कतों के लिए दिल्ली सरकार के गैर जिम्मेदारा रवैये को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पानी देने में भी अमीरों और गरीबों के बीच भयंकर भेदभाव कर रही है।
दिल्ली में व्याप्त इस भारी जलसंकट को लेकर शुक्रवार को राज निवास ने एक बयान जारी किया, जिसमें LG ने कहा, ‘यह कितने दुर्भाग्य की बात है कि जहां एक तरफ दिल्ली के अमीर इलाकों में औसतन, प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 550 लीटर पानी सप्लाई किया जा रहा है, वहीं गांवों और कच्ची बस्तियों में रोजाना औसतन मात्र 15 लीटर पानी प्रति व्यक्ति सप्लाई किया जा रहा है।’
इसके अलावा जलसंकट के लिए केजरीवाल सरकार के कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा, ‘वजीराबाद को छोड़कर दिल्ली के सारे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स अपनी क्षमता से ज्यादा पानी का उत्पादन कर रहे हैं। वजीराबाद बराज का जलाशय, जहां हरियाणा से आया हुआ पानी जमा होता है, लगभग पूरी तरह गाद से भरा हुआ है। इसके कारण, इस जलाशय की क्षमता, जो 250 मिलियन गैलन हुआ करती थी, वो घट कर मात्र 16 मिलियन गैलन रह गई है। 2013 तक हर साल इसकी सफाई होती थी और गाद निकाला जाता था। लेकिन पिछले 10 सालों में एक बार भी इसकी सफाई नहीं करवाई गई और हर साल पानी की कमी के लिए दूसरों पर दोष मढ़ा जाता रहा। इस मामले में मैंने स्वयं मुख्यमंत्री जी को पिछले साल पत्र भी लिखा था।’
उपराज्यपाल की यह प्रतिक्रिया दिल्ली सरकार द्वारा जलसंकट को लेकर लगातार हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बताने के बाद आई। केजरीवाल सरकार में जल मंत्री आतिशी ने कहा था कि हरियाणा और यूपी पर्याप्त पानी नहीं छोड़ रहे हैं, जिससे शहर में पानी की कमी हो गई है। शुक्रवार को ही आतिशी ने केंद्र से अनुरोध किया कि वह राष्ट्रीय राजधानी में जबरदस्त जल संकट से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश या हरियाणा से अतिरिक्त पानी जारी किया जाना सुनिश्चित करे।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को लिखे पत्र में आतिशी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में वजीराबाद बैराज के जल स्तर में भारी गिरावट आई है, क्योंकि हरियाणा यमुना में आवश्यक मात्रा में पानी नहीं छोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसका नतीजा यह हुआ कि राष्ट्रीय राजधानी में बड़े पैमाने पर जल संकट पैदा हो गया है। आतिशी ने गुरुवार को वजीराबाद बैराज का दौरा किया और उन्होंने पाया कि तालाब का जल स्तर 670.3 फुट था जबकि सामान्य जल स्तर 674.50 फुट होता है।