
कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पूरी होने से पूर्व रिहाई के बाद भी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की मुश्किलें कम होती नजर नहीं जा रही हैं। बस्ती शहर से 22 साल पहले बच्चे के अपहरण के मामले में कोर्ट ने सीएमओ गोरखपुर से उनकी मेडिकल रिपोर्ट तलब की है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती अमरमणि सीएमओ की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने से कन्नी काट रहे हैं। सोमवार को सीएमओ ने इसकी सूचना कोर्ट को भेज दी।
सोमवार को पांच डॉक्टरों की टीम करीब एक घंटे तक पूर्व मंत्री का सीएमओ कार्यालय में सेहत की जांच के लिए इंतजार करती रही। अमरमणि बोर्ड के सामने नहीं आए। इसकी सूचना सीएमओ ने बस्ती में अदालत को भेज दी है। दरअसल, बस्ती में अपहरण के एक मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने अमरमणि को तलब किया था। खराब सेहत का हवाला देकर वह अदालत में पेश नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने सीएमओ गोरखपुर से अमरमणि की सेहत की जांच मेडिकल बोर्ड से करने का निर्देश दिया।
बनी है पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि इस मामले में पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड बना हुआ है। जिसकी अध्यक्षता वह स्वयं कर रहे हैं। उनके अलावा जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. ओपी सिंह, फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके गुप्ता और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सारंगपाणी सदस्य के तौर पर शामिल हैं।
बीआरडी और जेल को भेजी गई थी सूचना
सीएमओ ने बताया कि मेडिकल बोर्ड गठित होने और बोर्ड के सामने अमरमणि को प्रस्तुत करने के लिए जेल प्रशासन और बीआरडी मेडिकल कॉलेज को सूचना दी गई थी। जब यह सूचना जारी की गई थी, तब आधिकारिक तौर पर यह नहीं पता था कि अमरमणि की रिहाई हो गई है।