
घोसी उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी दारा सिंह चौहान पर स्याही फेंकने वाले युवक ने नाटकीय अंदाज में आत्मसमर्पण कर दिया है। सोमवार की सुबह पौने नौ बजे के करीब युवक पैदल चलते हुए खुद ही मऊ के कोपागंज थाने पहुंचा और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।
इसके पहले उसने कैमरों के सामने कहा, ‘ये सब बीजेपी नेता की चाल है। बीजेपी नेता प्रिंस यादव है। उसने बोला कि तुम फेंक दो, हम लोगों का चुनाव फंस रहा है। इसी वजह से मैंने स्याही फेंक दी। उन लोगों ने कहा था कि तुमको बचा लेंगे। स्याही फेंकने के प्रकरण में मैं अकेले ही था।’
सरेंडर करने वाले युवक ने अपना नाम अभिमन्यु यादव बताया है। बता दें कि रविवार को दारा सिंह चौहान के ऊपर चुनाव प्रचार के दौरान स्याही फेंकी गई थी। इसके बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। स्याही फेंकने के बाद युवक फरार हो गया था। पुलिस उसे पकड़ने की कोशिश में जुटी थी। उधर, इस मामले को लेकर सियासत भी शुरू हो गई थी। भाजपा और सपा एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे थे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक ट्वीट में इसके पीछे बीजेपी का हाथ बताते हुए आरोप लगाया था कि घोसी में पार्टी सहानुभूति पाकर चुनाव जीतना चाहती है।
ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा की ओर से समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं को इसके लिए जिम्मेदार बताया जा रहा था। इसी बीच सोमवार को सुबह पौने नौ बजे के करीब कोपागंज थाने पहुंचे युवक ने आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी ने बीजेपी नेता का नाम लिया तो एक बार फिर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोपी का वीडियो पोस्ट करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘जब आरोपी ने खुद ही बता दिया कि ये काम उससे भाइपाइयों ने करवाया है तो फिर आगे क्या कहना?’
दारा सिंह चौहान बोले- झूठ बोल रहा आरोपी
उधर, दारा सिंह चौहान का कहना है कि आरोपी झूठ बोल रहा है। उसकी फोटो खुद अखिलेश यादव के साथ है। बता दें कि सोशल मीडिया में अखिलेश यादव से हाथ मिलाते एक युवक की फोटो वायरल हो रही है। उस युवक को अभिमन्यु यादव बताया जा रहा है। दारा सिंह चौहान ने कहा कि यह सपा की बौखलाहट है। उसका जनाधार खत्म हो गया है इसलिए मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं।
सुरक्षाकर्मियों के सामने से कैसे भाग निकला आरोपी
उधर, इस घटना के बाद यह सवाल भी जोरशोर से उठ रहा है कि आखिर समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के रहते आरोपी दारा सिंह चौहान पर स्याही फेंककर भागने में कामयाब कैसे हो गया। क्या दारा सिंह चौहान की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी मुस्तैद नहीं थे। इसे लेकर सपा की ओर से भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
पुलिस बोली-सपा से जुड़ा है आरोपी
उधर, मऊ पुलिस का दावा है कि आरोपी समाजवादी पार्टी से जुड़ा रहा है। आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि 2019 में यह चुनाव लड़ा था। समाजवादी छात्र सभा से टिकट मांग रहा था जो नहीं मिला। उसके बाद से यह सपा से जुड़े कुछ लड़कों के साथ बैठता था। दारा सिंह चौहान के सपा छोड़कर भाजपा से चुनाव लड़ने को लेकर इसके मन में टीस है। इसी को लेकर फोन पर इसकी प्रिंस यादव से कड़ी बहस हुई थी। उसी बातचीत में इसने स्याही फेंकने की धमकी दी थी। इस पर प्रिंस ने कहा था कि दम हो फेंककर दिखा दो। इसके बाद आरोपी को लगा कि स्याही फेंककर वह हाईलाइट हो जाएगा। इसी उद्देश्य को लेकर उसने यह मूर्खतापूर्ण काम किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी समाजवादी पार्टी से जुड़ा है। भाजपा नेता प्रिंस यादव का उसके इस कृत्य से कोई लेना-देना नहीं है।