
2024 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Chunav) में अब 1 साल से कम समय बचा है। ऐसे में केंद्र की मोदी सरकार (Modi Sarkar) वोटर्स को खुश करने के कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है। लेकिन बढ़ती महंगाई (Inflation) सरकार के लिए चिंता का सबब बनकर उभरी है।ताजा आंकड़े बताते हैं कि जुलाई में रिटेल महंगाई दर 7 प्रतिशत को पार कर गई है। टमाटर की कीमतें आसमान छू रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार जल्द ही पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले टैक्स में कटौती का फैसला कर सकती है।ईटी की रिपोर्ट के अनुसार मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्तियों ने बताया है कि बजट से अलग-अलग मंत्रालयों को 1 लाख करोड़ रुपये का फिर से आवंटन किया जा सकता है। इससे सरकार एक तरफ बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने का प्रयास करेगी। वहीं, दूसरी तरफ राजकोषीय घाटा को भी बढ़ने नहीं दिया जाएगा।
आने वाले एक दो सप्ताह में पीएम नरेंद्र मोदी इस पूर मसले पर फैसला कर सकते हैं। सरकार की तरफ से लोक पेट्रोल पर लगने वाले टैक्स में कटौती के साथ-साथ गेहूं और खाद्य तेल की इम्पोर्ट ड्यूटी में कटौती का फैसला किया जा सकता है। वहीं, बाजार को जैसी ही पेट्रोलियन पदार्थों की टैक्स में कटौती के मामले की आहट मिली, हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कई कंपनियों के शेयरों की कीमतों में आ गिरावट देखने को मिलने लगी है। हालांकि, इस मसले पर अभी कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
महंगाई की कारण गिरी हैं सरकारें
देश में महंगाई को नियंत्रित नहीं करने वाली सरकारों को चुनावों में नुकसान झेलना पड़ा है। जुलाई के महीने में खुदरा महंगाई दर ने 15 महीने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस आंकड़ें सरकार को चिंता में डाल दिया है। अब इसी से निपटने की तैयारी चल रही है।