लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार जल्द ही ‘सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ लाने की तैयारी में है, जिसके जरिए 11 से अधिक कानूनों में संशोधन कर उन्हें अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाएगा। इन बदलावों से जहां उद्योगों पर बोझ कम होगा, वहीं श्रमिकों के हित भी सुरक्षित रहेंगे।
CM योगी बोले – समय की मांग है सुधार
सीएम योगी ने उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि “Ease of Doing Business को और मजबूत बनाने के लिए सुधार जरूरी हैं। औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा भी सुनिश्चित करनी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘श्रमेव जयते’ के भाव को अपनाते हुए हमें ऐसे बदलाव करने होंगे जो उद्यमियों और श्रमिकों दोनों के लिए लाभकारी हों।”
सीएम ने स्पष्ट किया कि अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को हटाकर पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण व्यवस्था में स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट सिस्टम अपनाया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
किन कानूनों में होगा बदलाव?
इस विधेयक के अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा निस्तारण अधिनियम, सिनेमा अधिनियम, क्षेत्र एवं जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को नया स्वरूप दिया जाएगा।
जहां पहले कारावास की सजा का प्रावधान था, वहां अब जुर्माने और प्रशासनिक कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाएगी।
यूपी बनेगा देश का पहला राज्य
सीएमओ के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी सरकार 13 राज्य अधिनियमों में लगभग 99% आपराधिक प्रावधान खत्म करने जा रही है। इससे प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जिसने इतने बड़े पैमाने पर दंडात्मक प्रावधानों को गैर-आपराधिक श्रेणी में बदला होगा।