यूपी में निवेश और लाखों रोजगार का खुलेगा रास्ता

यूपी की योगी सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और समृद्धि का रास्ता खोलने के लिए बड़ी योजना लाने जा रही है। इसके लिए यूपी में मौजूद खनिज के भंडार का उपयोग करने जा रही है। सरकार के भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने खनिज ब्लाकों की नीलामी के चौथे चरण की शुरुआत करने जा रही है।

चौथे चरण में कुल 11 अलग-अलग खनिज ब्लाक की नीलामी होगी। इसके माध्यम से न सिर्फ बड़े पैमाने पर प्रदेश सरकार को निवेश प्राप्त होगा बल्कि रोजगार का भी सृजन होगा। वर्ष 2022 में भी प्रदेश सरकार ने 3 चरणों में 4 ब्लॉक्स की नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न की थी।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि अक्टूबर में 4 और मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की तैयारी की जा रही है। भारत सरकार के स्तर से उत्तर प्रदेश के जनपद ललितपुर में उपलब्ध अति बहुमूल्य प्लेटिनम समूह की धातुओं से संबंधित एक ब्लॉक, उर्वरक खनिज रॉक फास्फेट का एक ब्लॉक तथा सोनभद्र में पोटाश उर्वरक के उत्पादन में प्रयोग होने वाले खनिज पोटाश से संबंधित दो ब्लॉक का ग्लोबल टेंडर अक्तूबर में जारी किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।

बढ़ेगी आत्मनिर्भरता, रुकेगा इंपोर्ट
विभाग के अधिकारियों के अनुसार लंबे अरसे तक उत्तर प्रदेश विभिन्न खनिजों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर था। कई बार सप्लाई में भी दिक्कत होती थी। ऐसे में सरकार ने स्वयं के श्रोतों के माध्यम से अपनी और देश के अन्य राज्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने का निर्णय लिया है। इससे इंपोर्ट रोकने में मदद मिलेगी, जबकि एक्सपोर्ट की संभावनाओं को बल मिलेगा। साथ ही उत्तर प्रदेश खनिज के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बन सकेगा और बड़े पैमाने पर निवेश से रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।

सोनभद्र में सर्वाधिक 10 मिनरल ब्लॉक्स
चौथे चरण में 11 मिनरल ब्लॉकों की नीलामी की जा रही है। इनमें सर्वाधिक 10 ब्लॉक सोनभद्र में, जबकि एक ब्लॉक बुंदेलखंड के ललितपुर में है। सोनभद्र में एंडालुसाइट के 5 ब्लॉक, स्वर्ण के 2 ब्लॉक और सिलिमिनाइट, आयरन ओर व लाइमस्टोन का 1-1 ब्लॉक सम्मिलित है। वहीं ललितपुर में आयरन ओर का एक ब्लॉक है।

लाइमस्टोन का उपयोग सीमेंट बनाने में और आयरन ओर का उपयोग स्टील बनाने में किया जाता है। इससे पहले सरकार ने भारत सरकार द्वारा जारी खनिज नीलामी नियम-2015 के प्राविधान के तहत वर्ष 2022 में तीन चरणों की नीलामी की थी, जिसमें तीन ब्लॉक ललितपुर में फास्फेट उर्वरक के उत्पादन में प्रयोग होने वाले कच्चे माल के रूप में रॉक फास्फेट के थे, जबकि एक ब्लॉक सोनभद्र में स्वर्ण धातु का भी स्वीकृत किया जा चुका है।

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