उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले किसी भी आयोजन से पहले उपद्रव शुरू हो जाता था और लोग उत्सव मनाना भूल जाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में सुरक्षित माहौल बनने से लोग बेखौफ होकर घरों से निकल रहे हैं और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं भी दीं।
CM योगी बोले- यूपी में अब उत्सव का माहौल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले त्योहारों और आयोजनों के दौरान उपद्रव की आशंका बनी रहती थी, जबकि अब लोग निडर होकर धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों से लेकर शहरों तक मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों में लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, लोगों के मन में यह भरोसा मजबूत हुआ है कि उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
योगी ने मां विंध्यवासिनी धाम में श्रद्धालुओं की संख्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले दिन वहां दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे और मंगलवार सुबह छह बजे तक डेढ़ लाख श्रद्धालु पहुंच चुके थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न धामों में लोग सुरक्षित वातावरण में आस्था के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
पहले यूपी के लोगों को पहचान छिपानी पड़ती थी: योगी
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पहले कुछ लोगों की गलत गतिविधियों का खामियाजा पूरे उत्तर प्रदेश को भुगतना पड़ता था। उन्होंने कहा, “पहले मुट्ठी भर लोगों की गलतियों के कारण पूरे यूपी को भुगतना पड़ता था. यूपी का कोई भी व्यक्ति प्रदेश से बाहर जाता था तो पहचान छुपाता था. धर्मशाला और होटल में कमरा नहीं मिलता था, बस-ट्रेन में सीट नहीं मिलती थी. विवाद होने पर यूपी वाला बताते ही बाहर निकाल दिया जाता था.”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस समय बेटियों, व्यापारियों, युवाओं और आम नागरिकों के सामने पहचान का संकट था। उनके मुताबिक, वर्ष 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश को लेकर बनी धारणा बदलने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है और इसके साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
ग्राम प्रहरियों को बताया गांवों का CCTV
मुख्यमंत्री योगी ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी तुलना शहरों में लगे CCTV कैमरों से की। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी गांवों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी आपराधिक घटना, भूमि विवाद या संभावित अशांति की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में रोजाना 100 से 200 छिनैती और लूट की घटनाएं होती थीं तथा पुलिस पर कार्रवाई करने का दबाव रहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सत्ता में बैठे लोग ही लूट-खसोट करवाते थे। योगी ने कहा कि अब अपराधियों में कानून का डर है और महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतें और लगभग 1.05 लाख राजस्व गांव हैं। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से कहा कि वे सूचनाएं एकत्र कर आपात स्थिति में थाना प्रभारी या संबंधित हल्का दारोगा को जानकारी दें। उन्होंने नियमित रूप से सूचनाएं साझा करने पर भी जोर दिया।
ग्राम प्रहरियों के मानदेय और स्वास्थ्य बीमा पर क्या बोले CM?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय और सुविधाओं का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2017 में उन्हें 1,500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2,500 रुपये किया गया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरियों की जिम्मेदारियों को देखते हुए उनके मानदेय में और बढ़ोतरी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने लगभग 68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दिए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक ग्राम प्रहरियों की भूमिका और सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन अब उनके योगदान को सम्मान दिया जा रहा है।
वन्यजीवों और भू-माफिया पर भी नजर रखने के निर्देश
योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों में वन्यजीवों से जुड़े खतरों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कई लकड़बग्घों को रेस्क्यू कर चिड़ियाघर भेजा गया है। इसके अलावा बिजनौर में 40 से अधिक तेंदुओं के रेस्क्यू का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से वन्यजीवों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने और किसी खतरे की स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़कों के चौड़ीकरण के कारण जमीन की कीमतें बढ़ने से भूमि माफिया की गतिविधियों पर भी नजर रखना जरूरी है। समय पर सूचना मिलने से कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है।
गांवों की सुरक्षा से आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य होगा मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस व्यवस्था में बदलाव के साथ होमगार्ड, पीआरडी, ग्राम चौकीदार और ग्राम प्रहरियों को भी बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने ग्राम प्रहरियों से टीम भावना के साथ काम करने और अपने क्षेत्र में सतर्क रहने को कहा।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, गांवों में सुरक्षा मजबूत होगी तो वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरियों का प्रमुख काम सजग रहना और जरूरी सूचनाएं समय पर पुलिस तक पहुंचाना है।