चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के वरिष्ठ जनरल झाओ जोंगकी के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें कई महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया है। झाओ उस समय सुर्खियों में आए थे, जब वह डोकलाम गतिरोध और 2020 में भारत-चीन के बीच हुई गलवान घाटी की हिंसक झड़प के दौरान PLA के वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख थे।
डोकलाम से Galwan Clash तक चीन के अहम सैन्य कमांडर रहे झाओ
PLA का वेस्टर्न थिएटर कमांड तिब्बत और शिनजियांग के साथ-साथ भारत से लगी चीन की सीमा के बड़े हिस्से में सैन्य अभियानों की निगरानी करता है। झाओ जोंगकी इसी कमांड की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जब 2017 में डोकलाम में भारतीय और चीनी सैनिक करीब 72 दिनों तक आमने-सामने रहे थे।
मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव बढ़ने के दौरान भी झाओ वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रभारी थे। इसके बाद यह तनाव जून 2020 में गलवान घाटी की घातक झड़प में बदल गया।
राजनीतिक सलाहकार संस्था से भी सदस्यता खत्म
29 अगस्त को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, झाओ जोंगकी को चीन की राजनीतिक सलाहकार संस्था Chinese People’s Political Consultative Conference (CPPCC) की सदस्यता से भी हटा दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें दो अन्य महत्वपूर्ण पदों से भी हटाया गया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन में सेना के भीतर भ्रष्टाचार और अनुशासन से जुड़े मामलों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले वरिष्ठ जनरलों झांग यूक्सिया और लियू झेनली को भी गंभीर अनुशासनात्मक और कानून उल्लंघन के आरोपों के बीच केंद्रीय सैन्य आयोग से हटाया गया था।
अमेरिकी खुफिया आकलन में Galwan Operation का जिक्र
झाओ जोंगकी का नाम गलवान घाटी की झड़प से जुड़े एक अमेरिकी खुफिया आकलन में भी सामने आया था। ANI ने 2020 में अमेरिकी खुफिया आकलन का हवाला देते हुए रिपोर्ट किया था कि झाओ ने भारत को सबक सिखाने के उद्देश्य से गलवान ऑपरेशन को मंजूरी दी थी।
पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव मई 2020 में झाओ के कार्यकाल के दौरान शुरू हुआ था। इसके बाद PLA ने Line of Actual Control (LAC) पर कई स्थानों पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाई। 15 जून 2020 को गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच पत्थरों, रॉड और अन्य देसी हथियारों से हिंसक संघर्ष हुआ था। इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।