भारत और चीन के संबंधों के लिहाज से सितंबर 2026 का महीना अहम साबित हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग नई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आ सकते हैं। यदि यह दौरा होता है, तो जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी।
12-13 सितंबर को प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग की संभावित मौजूदगी को दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गलवान संघर्ष के बाद भारत और चीन के रिश्ते दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे और लंबे समय तक वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैन्य गतिरोध बना रहा।
2019 के बाद पहली बार भारत आने की संभावना
शी जिनपिंग की पिछली भारत यात्रा अक्टूबर 2019 में हुई थी। इसके कुछ महीनों बाद ही पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसने द्विपक्षीय संबंधों पर गहरा असर डाला।
यदि प्रस्तावित दौरा तय होता है, तो यह लगभग छह वर्षों में शी जिनपिंग की पहली भारत यात्रा होगी। वह वर्ष 2013 में चीन के राष्ट्रपति बनने के बाद अब तक तीन बार भारत का दौरा कर चुके हैं।
दौरे से पहले तेज हो सकती हैं कूटनीतिक बातचीत
सूत्रों के अनुसार, संभावित यात्रा से पहले नई दिल्ली और बीजिंग के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्क बढ़ने की संभावना है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उच्चस्तरीय वार्ता के लिए चीन का दौरा कर सकते हैं। हालांकि, उनकी यात्रा की तारीखों पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
सीमा विवाद पर WMCC की बैठक भी संभव
आने वाले सप्ताहों में भारत-चीन सीमा मामलों पर वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की बैठक होने की भी संभावना जताई जा रही है। इसके बाद सीमा विवाद पर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हो सकती है।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच सहमति बनी है।
द्विपक्षीय बैठक पर रहेंगी सबकी नजरें
यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं, तो BRICS सम्मेलन के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संभावित द्विपक्षीय बैठक पर भी सभी की नजरें रहेंगी। ऐसी बैठक में सीमा विवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार, आर्थिक सहयोग और भारत-चीन संबंधों के भविष्य जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच अहम होगा दौरा
भारत और चीन ऐसे समय में संभावित वार्ता की तैयारी कर रहे हैं, जब दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति से जुड़े कदम और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। ऐसे में BRICS सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के नेताओं की संभावित मुलाकात को क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।