वाराणसी में पुलिस ने चेन स्नैचिंग करने वाले एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है, जिसमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गोरखपुर से स्कॉर्पियो में सवार होकर वाराणसी आते थे और यहां आम महिलाओं के साथ-साथ बुजुर्ग महिलाओं को भी निशाना बनाते थे। इस मामले में पुलिस ने तीन महिलाओं समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 27 हजार रुपये नकद, एक स्कॉर्पियो कार, दो सोने की चेन और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग में और कितने लोग शामिल हैं और आरोपियों ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
गोरखपुर से स्कॉर्पियो में वाराणसी आते थे आरोपी
जानकारी के मुताबिक, लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य गोरखपुर से स्कॉर्पियो के जरिए वाराणसी पहुंचते थे। इसके बाद शहर की सड़कों पर घूमकर महिलाओं को निशाना बनाते थे।
इस गैंग में शामिल तीन महिलाएं वारदात को अंजाम देने के लिए ऑटो का इस्तेमाल करती थीं। पुलिस के मुताबिक, महिलाएं घूंघट और मास्क लगाकर अपनी पहचान छिपाती थीं और मौका मिलते ही महिलाओं के गले से चेन निकालकर फरार हो जाती थीं। इस तरीके से उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता था।
DCP ने बताया कैसे पकड़ में आया गैंग
DCP प्रमोद कुमार ने बताया कि इस मामले में तीन महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह वाराणसी के सड़कों पर ऑटो का प्रयोग इसलिए करते थे कि इन्हें कोई पहचान ना पाए. इनसे अभी और पूछताछ की जा रही है. अगर कोई और भी इसमें शामिल हैं उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी वाराणसी में वारदात करने के बाद वापस गोरखपुर चले जाते थे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
महिलाओं को ही बनाते थे अपना निशाना
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 27 हजार रुपये नकद, स्कॉर्पियो वाहन, दो सोने की चेन और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इस मामले में सबसे खास बात यह सामने आई कि गैंग में शामिल महिलाएं खुद महिलाओं को ही चेन स्नैचिंग का शिकार बनाती थीं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बेहद शातिर तरीके से महिलाओं की पहचान और उनकी गतिविधियों पर नजर रखते थे। इसके बाद मौका मिलते ही चेन छीनकर वहां से निकल जाते थे। फिलहाल पुलिस गिरोह के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जांच आगे बढ़ा रही है।