उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा देने वाली एक खबर रुद्रपुर से सामने आई है, जहां एक हमले की कहानी पूरी तरह से फिल्मी निकली। पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के बेटे व पार्षद सौरभ बेहड़ पर हुए कथित हमले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। चार दिन पहले हुए इस ‘हमले’ की जांच में पुलिस ने खुलासा किया है कि यह कोई रंजिश नहीं, बल्कि सहानुभूति पाने के लिए रची गई खुद की साजिश थी। सौरभ ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर खुद पर हमला करवाया था। इस सच्चाई के सामने आते ही पिता तिलक राज बेहड़ ने सार्वजनिक रूप से अपने बेटे से रिश्ता तोड़ने का ऐलान कर दिया है।
पुलिस ने तीन को दबोचा, दोस्त ने खोला राज
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सौरभ बेहड़ ने अपने दोस्त इंदर नारंग के साथ मिलकर इस साजिश का ताना-बाना बुना था। पूछताछ में इंदर नारंग ने कबूल किया कि परिवार की सहानुभूति हासिल करने के लिए सौरभ ने खुद पर हमले का प्लान बनाया था। पुलिस ने इस फर्जी हमले को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों- वंश कुमार, बादशाह और दीपक सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से दो अवैध तमंचे, एक जिंदा कारतूस और एक चाकू भी बरामद किया गया है।
‘आज से मेरा मेरे बेटे से कोई रिश्ता नहीं’
बेटे की इस हरकत से आहत पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ ने बेहद भावुक और कड़ा कदम उठाया है। जो पिता कुछ दिन पहले तक प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे थे, सच्चाई पता चलने पर उनका सिर शर्म से झुक गया। उन्होंने कहा, “मेरे बेटे की इस हरकत से मेरा सिर शर्म से झुक गया है. आज से मेरा मेरे बेटे से कोई रिश्ता नहीं है. मैं पुलिस से कहना चाहता हूं कि पूरे मामले में कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए.”
18 जनवरी को हुआ था ‘स्टेज्ड’ ड्रामा
गौरतलब है कि 18 जनवरी को सौरभ बेहड़ जब आवास विकास चौकी की तरफ जा रहे थे, तब बाइक सवार तीन नकाबपोश युवकों ने उन पर हमला किया था। इस घटना के बाद हड़कंप मच गया था और कांग्रेस विधायक ने इसे अपनी सुरक्षा में चूक बताते हुए सरकार को घेरा था। लेकिन अब पुलिस की जांच ने साफ कर दिया है कि यह हमला असली नहीं, बल्कि ‘प्री-प्लान्ड’ था। पुलिस अब आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।