मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब और ज्यादा गंभीर होता नजर आ रहा है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, अपने लापता पायलटों की तलाश में ईरान के ऊपर सर्च ऑपरेशन चला रहे अमेरिका के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया गया है। इस घटना ने दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव को नई दिशा दे दी है।
ईरानी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी सेना मध्य ईरान में तलाशी और बचाव अभियान चला रही थी। वहीं, नाम न बताने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को जानकारी देते हुए इस खबर की पुष्टि की है। बताया गया है कि विमान पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। हालांकि अमेरिकी सेना अपने एक पायलट को सुरक्षित बचाने में सफल रही है।
युद्धस्तर पर चलाया गया अमेरिकी रेस्क्यू ऑपरेशन
इससे पहले खबरें सामने आई थीं कि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। लापता पायलटों की तलाश के लिए अमेरिकी एयरफोर्स ने ईरान के भीतर युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अमेरिकी एयरक्राफ्ट बेहद निचली ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए खोज अभियान चलाते दिखाई दिए।
कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की वजह से इस मिशन को अत्यंत संवेदनशील और जोखिम भरा माना जा रहा था। रिपोर्ट्स के अनुसार घटनास्थल पर पायलट की इजेक्शन सीट जमीन पर मिली थी, जिससे हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी अधिकारियों के हवाले से बताया था कि अमेरिकी सैनिक ईरान पहुंचकर सर्च और रेस्क्यू अभियान में जुट गए थे।
ईरान का दावा — एफ-35 और एफ-15E को बनाया निशाना
इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिका के एफ-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। साथ ही एफ-15E विमान को भी निशाना बनाने की बात कही गई थी। ईरान की सरकारी मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि एफ-35 विमान सेंट्रल ईरान में गिराया गया और उसके पायलट के बचने की संभावना बेहद कम है।
पायलट को लेकर अलग-अलग दावे, पुष्टि नहीं
हालांकि अमेरिका ने अपने एक पायलट का सफलतापूर्वक रेस्क्यू करने की पुष्टि की है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर बंधक बना लिया गया है, लेकिन इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।