US-Iran टकराव बढ़ा, ट्रंप और सेना भेजने की तैयारी में, ईरान बोला-सरेंडर नहीं करेंगे

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर होने के बावजूद हालात सामान्य नहीं हुए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका ने इस ऑपरेशन के लिए बड़ी संख्या में सैन्य संसाधन तैनात कर दिए हैं।

ट्रंप प्रशासन बढ़ाएगा दबाव, और सैनिक भेजने की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिकी प्रशासन ईरान पर दबाव और बढ़ाने के लिए मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त सैनिक भेजने की योजना बना रही है। द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में हजारों सैनिकों की और तैनाती की जा सकती है, ताकि ईरान को समझौते के लिए मजबूर किया जा सके।

“ईरान को सरेंडर कराने की कोशिश होगी नाकाम”

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका की रणनीति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ‘ईरान रचनात्मक संवाद पर जोर देता है, लेकिन किसी भी तरह के दबाव के आगे नहीं झुकेगा. अमेरिका की अपनी इच्छा थोपने या ईरान को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने का किसी भी कोशिश का नाकाम होना पूरी तरह से तय है. जनता ऐसे नजरिए को कभी नहीं अपनाएगी. ईरान युद्ध नहीं चाहता है.’

इससे पहले भी उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका द्वारा ईरान पर अपने इरादे थोपने या सरेंडर कराने की कोशिश पूरी तरह विफल होगी।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारी सैन्य तैनाती

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ऑपरेशन के तहत 10 हजार से ज्यादा नौसैनिक और मरीन तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 100 से अधिक लड़ाकू, निगरानी और टोही विमान और दर्जनभर से ज्यादा युद्धपोत भी इस मिशन में शामिल हैं।

सेंटकॉम के मुताबिक, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी के लिए अमेरिका ने 10 हजार से ज्यादा नौसैनिक, मरीन को तैनात किया है. इसके साथ, 100 से ज्यादा लड़ाकू, निगरानी और टोही विमानों के साथ-साथ दर्जनभर से ज्यादा युद्धपोतों की भी तैनाती की गई है.’

बातचीत की बात, लेकिन टकराव बरकरार

एक तरफ जहां अमेरिका दबाव की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है, वहीं ईरान ने साफ किया है कि वह युद्ध नहीं बल्कि बातचीत चाहता है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *