यूपी राज्यसभा उपचुनाव: भाजपा उम्मीदवार दिनेश शर्मा का निर्विरोध जीतना तय, इकलौता नामांकन

यूपी में राज्यसभा की एकमात्र सीटे के लिए हो रहे उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार डॉक्टर दिनेश शर्मा का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। दिनेश शर्मा ने मंगलवार सुबह अपना नामांकन दाखिल किया।

उनके अलावा किसी अन्य ने नामांकन नहीं किया है। दिनेश शर्मा ने सहायक पीठासीन अधिकारी अजीत शर्मा के सामने विधानभवन में अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने बताया कि उपचुनाव में वह ही अकेले उम्मीदवार हैं। नामांकन पत्रों की जांच बुधवार को की जाएगी। परिणाम की औपचारिक घोषणा शुक्रवार को होगी। राज्यसभा की यह सीट भाजपा के ही हरद्वार दुबे के निधन के कारण खाली हुई है। दुबे का कार्यकाल नवंबर 2026 तक था।

शर्मा ने राज्य विधानभवन के ‘सेंट्रल हॉल’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल किया। शर्मा ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में संसद के उच्च सदन का सदस्य बनने का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम योगी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को धन्यवाद दिया।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य शर्मा ने कहा कि मैं एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के लिए काम करूंगा। मैं यह भी सुनिश्चित करूंगा कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनें। उन्होंने दावा किया कि भाजपा 2024 के चुनाव में राज्य की सभी 80 लोकसभा सीटें जीतेगी। शर्मा 2017 से 2022 तक प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।

विधानसभा में भाजपा का जबर्दस्त बहुमत के कारण शर्मा का राज्यसभा उपचुनाव में चुने जाने की सम्भावनाएं शुरू से ही प्रबल थीं। दुबे की तरह शर्मा भी ब्राह्मण समुदाय से हैं। उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 255 विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) और निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) पार्टी के क्रमशः 13 विधायक और छह विधायक हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नए सहयोगी ओमप्रकाश राजभर की अगुवाई वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधानसभा में छह विधायक हैं।

दूसरी ओर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी सपा के पास 108 विधायक हैं जबकि उसके सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के पास नौ विधायक हैं। कांग्रेस और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के पास दो-दो विधायक हैं, जबकि बसपा के पास एक विधायक है। एक सीट (घोसी) खाली है, जिस पर हो रहे उपचुनाव का परिणाम आठ सितंबर को घोषित होगा।

लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य विभाग में प्रोफेसर 59 वर्षीय डाक्टर दिनेश शर्मा लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। उन्हें 2014 में भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया और लोकसभा चुनाव के दौरान वह गुजरात में पार्टी मामलों के प्रभारी बनाए गए।

शर्मा 2008 में लखनऊ के महापौर के रूप में चुने गए थे। वह 2012 में फिर से चुनाव में खड़े हुए और दोबारा भारी बहुमत से जीते। उन्होंने संगठन (2014-15) के सदस्यता अभियान के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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