लखनऊ: उत्तर प्रदेश (UP) के आगामी पंचायत चुनावों को लेकर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। सोमवार को लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित पार्टी की वार्षिक बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक में प्रदेश भर से आए पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर चुना।
पार्टी की संगठनात्मक मजबूती पर जोर
बैठक के दौरान रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ ने आगामी पंचायत चुनाव में पार्टी की भूमिका और संगठन की मजबूती पर विशेष ध्यान देने की बात की। उन्होंने सभी जिलों में एक महीने के भीतर संगठन तैयार करने के निर्देश दिए और कहा कि पंचायत चुनाव में पार्टी अपने प्रत्याशी उतारेगी। साथ ही, उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से बूथ कमेटियों का गठन करने की भी बात की, ताकि पार्टी हर स्तर पर मजबूत हो सके।
देशहित और जनता के मुद्दों पर जोर
रघुराज प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में देशहित को सर्वोपरि बताते हुए कहा, “आज देश आतंकवाद, भ्रष्टाचार और अन्य संकटों से जूझ रहा है। देशहित सबसे महत्वपूर्ण है, इससे बढ़कर कुछ नहीं है। पार्टी कार्यकर्ताओं को इन मुद्दों पर मुखर होकर आवाज उठानी होगी और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करना होगा।” उन्होंने सोशल मीडिया का भी प्रभावी उपयोग करने का सुझाव दिया ताकि पार्टी की आवाज अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
जनप्रतिनिधियों का आचरण
‘राजा भैया’ ने आगे कहा कि जनप्रतिनिधि का कार्य जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना है। चुनाव के बाद भी उनके व्यवहार में बदलाव नहीं होना चाहिए और उन्हें हमेशा जनता के हित में काम करना चाहिए।
विनोद सरोज का संगठन पर जोर
प्रदेश अध्यक्ष विनोद सरोज ने भी संगठन की मजबूती पर जोर दिया और कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से तैयारी करनी होगी। इसके लिए गांव स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए।
बैठक में उपस्थित अन्य नेता
इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश नाथ ओझा, जितेंद्र सिंह मुन्ना, पूर्व मंत्री शैलेंद्र सरोज समेत कई अन्य नेताओं ने भी बैठक को संबोधित किया। बैठक का संचालन पार्टी के बृजेश राजावत ने किया।
‘राजा भैया’ के नेतृत्व में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक आगामी पंचायत चुनावों में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में है। पार्टी की प्राथमिकता अब संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने की होगी, ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां पूरी की जा सकें।