उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सियासी बिसात पर एक नया मोहरा उतर गया है। हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के चलते सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले चर्चित अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है। सोमवार को वृंदावन की पावन धरा से हुंकार भरते हुए उन्होंने अपने समर्थकों के बीच अपनी पार्टी ‘राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा’ (R.A.M.) की आधिकारिक घोषणा की।
क्या है R.A.M. का मतलब और कैसा है पार्टी का झंडा?
नई पार्टी के ऐलान के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अलंकार अग्निहोत्री ने ‘राम’ (R.A.M.) नाम रखने की वजह साफ की।
- पार्टी का नाम: उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्थाओं ने जिन मूल अधिकारों का हनन किया है, उन्हें वापस पाने के लिए यह मोर्चा गठित हुआ है, इसी क्रम में इसका नाम ‘राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा’ (R.A.M.) रखा गया है।
- पार्टी का झंडा: इस नई पार्टी के झंडे में भगवान कृष्ण की बांसुरी और भगवान श्रीराम का धनुष शामिल किया गया है। अग्निहोत्री का दावा है कि उनका यह डिजाइन भारत के संविधान की मूल आत्मा को प्रदर्शित करता है।
‘केंद्र की सरकार गैर-सनातनी है…’ UGC नियमों पर लगाए गंभीर आरोप
अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों, खासकर UGC के नए रेगुलेशन पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर देश का सामाजिक ताना-बाना छिन्न-भिन्न करने का गंभीर आरोप लगाया:
- साजिश का आरोप: उन्होंने कहा, “यूजीसी एक्ट के विरोध में आज पूरा देश सड़कों पर है। केंद्र में जो सरकार बैठी है, वह गैर-सनातनी है। एक सोची-समझी साजिश के तहत जनरल-एससी/एसटी और जनरल-ओबीसी को आपस में लड़ाने के लिए यह यूजीसी रेगुलेशन लाया गया है।”
- इस्तीफे की वजह: सिस्टम से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, “यह सरकार और पूरा सिस्टम अब हमारा नहीं रहा। मैं इस सिस्टम से बाहर आ चुका हूं और इसीलिए मैंने इस्तीफा दिया था ताकि अधिकारों के लिए एक नया विकल्प तैयार कर सकूं।”