अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को अमेरिकी नौसेना को बड़ा और सख्त आदेश देते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली किसी भी ईरानी नाव को तुरंत नष्ट कर दिया जाए। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर रहा है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मैंने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पानी में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली किसी भी नाव, चाहे वह छोटी ही क्यों न हो, को गोलीबारी कर नष्ट कर दिया जाए.’ उन्होंने आगे कहा, ‘किसी भी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा, हमारे बारूदी सुरंग हटाने वाले यंत्र इस समय जलडमरूमध्य को साफ कर रहे हैं.’ उन्होंने यह भी जोड़ा, ‘मैं आदेश देता हूं कि यह कार्य जारी रखा जाए, लेकिन तीन गुना अधिक रफ्तार से.’
ईरानी कार्रवाई के बाद अमेरिका का जवाबी कदम
अमेरिकी प्रशासन का यह फैसला उस घटना के तुरंत बाद सामने आया है, जब ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने जलडमरूमध्य में तीन मालवाहक जहाजों पर हमला किया और उनमें से दो को अपने कब्जे में ले लिया। इसके जवाब में अमेरिका ने इस अहम समुद्री मार्ग को सुरक्षित करने के लिए अपने अभियान को और तेज कर दिया है।
तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना का वीडियो जारी
अमेरिकी रक्षा विभाग ने हिंद महासागर में जब्त किए गए गिनी ध्वज वाले तेल टैंकर मैजेस्टिक एक्स से जुड़ा एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें जहाज के डेक पर अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी दिखाई गई। पेंटागन ने अपने बयान में कहा, ‘हम अवैध नेटवर्क को बाधित करने तथा ईरान को भौतिक सहायता प्रदान करने वाले जहाजों को रोकने के लिए वैश्विक समुद्री प्रवर्तन जारी रखेंगे, चाहे वे कहीं भी संचालित हों.’
ईरान की चुप्पी, लेकिन बयानबाजी जारी
इस पूरे घटनाक्रम पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। हालांकि, इससे पहले ट्रंप ने युद्धविराम की अवधि बढ़ाकर ईरानी नेतृत्व को संघर्ष खत्म करने के लिए प्रस्ताव देने का समय दिया था, लेकिन अमेरिकी नाकाबंदी अब भी जारी है।
एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने ईरान की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘ईरान को यह समझने में बहुत मुश्किल हो रही है कि उनका नेता कौन है. उन्हें बस पता ही नहीं है.’
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजराइल को क्षेत्र में अस्थिरता का कारण ठहराते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा की जड़ यही हमले हैं।
पाकिस्तान की मध्यस्थता, फिर से वार्ता की कोशिश
इसी बीच पाकिस्तान दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाने के प्रयासों में सक्रिय हो गया है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिकी उप राजदूत नताली बेकर से मुलाकात कर संभावित दूसरे दौर की वार्ता पर चर्चा की।
गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्र की ताजा स्थिति पर विचार-विमर्श किया और प्रस्तावित शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए कूटनीतिक रणनीतियों पर चर्चा की। नकवी ने ट्रंप द्वारा युद्धविराम बढ़ाने के फैसले को ‘सकारात्मक कदम’ बताया।
उन्होंने कहा, ‘हम ईरान की ओर से भी सकारात्मक प्रगति की उम्मीद करते हैं.’ साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर शांतिपूर्ण समाधान के लिए ‘हर स्तर पर पूरी कोशिश’ कर रहे हैं।
अनिश्चितता के बीच बढ़ी सुरक्षा, वार्ता पर सस्पेंस
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता कब दोबारा शुरू होगी। बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है और दोनों देशों के बीच संवाद को लेकर स्थिति अब भी अनिश्चित बनी हुई है।