अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता खत्म होने का ऐलान करते हुए तेहरान पर तीखे हमले किए, वहीं दूसरी ओर यूरोपीय यूनियन (EU) ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव को पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा बताया और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर तत्काल कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।
EU ने मध्य पूर्व के बढ़ते तनाव पर जताई चिंता
यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ता तनाव पहले से चल रहे शांति प्रयासों को और अधिक कठिन बना रहा है। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी चिंता का विषय हैं।
उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य टकराव को रोकने के लिए सभी पक्षों को संयम बरतने की आवश्यकता है।
ईरान पर वादाखिलाफी का आरोप, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर EU का सख्त संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में काजा कल्लास ने बहरीन और कुवैत पर ईरान के हमलों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने तेहरान को उसके पूर्व वादे की याद दिलाते हुए कहा कि समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन हाल के दिनों में स्ट्रेट के पास जहाजों पर हुए हमले उस प्रतिबद्धता का उल्लंघन हैं। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति दोबारा सामान्य करने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित रहनी चाहिए।
खाड़ी देशों के साथ अहम बैठक करेगा यूरोपीय यूनियन
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुकने के बाद यूरोपीय यूनियन ने खाड़ी देशों के साथ विशेष बैठक बुलाने का फैसला किया है।
काजा कल्लास ने बताया कि सोमवार (13 जुलाई) को यूरोपीय यूनियन के विदेश मंत्री खाड़ी देशों के अपने समकक्षों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर में समुद्री नेविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखने तथा क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी।
NATO समिट में ट्रंप ने खत्म की बातचीत की उम्मीद
तुर्किये में आयोजित NATO समिट के दौरान बुधवार (8 जुलाई) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में साफ संकेत दिए कि अब ईरान के साथ शांति वार्ता की कोई संभावना नहीं बची है।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है अब सब खत्म हो चुका है, मैं उनसे कोई वास्ता नहीं रखना चाहता हूं. वे नीच लोग हैं. उनका नेतृत्व बीमार मानसिकता के के लोग कर रहे हैं.”
ट्रंप ने ईरान पर लगाए गंभीर आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व पर भी तीखा हमला बोला और कहा, “वे झूठे हैं, धोखेबाज हैं, बीमार मानसिकता वाले लोग हैं. उन्होंने अपने ही लोगों को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने अब तक 54,000 प्रदर्शनकारियों को मार डाला है. आप जानते हैं, जब लोग पूछते हैं कि उन्होंने सत्ता पर कब्जा क्यों नहीं किया? वे सत्ता पर कब्जा नहीं कर सकते क्योंकि वे मर चुके हैं.”
ट्रंप ने यह बयान तेहरान पर आधी रात किए गए अमेरिकी हमलों के फैसले का बचाव करते हुए दिया। उनके इन बयानों के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय क्षेत्र में बढ़ते संकट पर लगातार नजर बनाए हुए है।